-आबकारी विभाग की टीम ने दबोचा शराब तस्कर, रात के अंधेरे में बेचता था यूपी की शराब
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। रात का सन्नाटा, सड़कों पर पसरा अंधेरा, झोले में बोतलें और आंखों में डर, गौतमबुद्ध नगर के कई इलाकों में देर रात तक शराब तस्करों की परछाइयां मंडराती थीं। हर गली, हर मोड़ जैसे उनका अड्डा बन चुका था। लेकिन अब यह कहानी पलट चुकी है। अंधेरे की इस दुनिया में आबकारी विभाग ने अपनी रणनीति की ऐसी रोशनी बिखेरी है कि माफियाओं की आंखें चुंधिया गई हैं। आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में चल रही मुहिम ने न केवल इन तस्करों की कमर तोड़ी है, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने की बिसात बिछा दी है। अब वह दौर खत्म हो गया जब तस्कर आगे-आगे और पुलिस पीछे-पीछे भागती थी अब हर मोड़ पर सुबोध की टीम पहले से तैनात है और तस्कर खुद भागते-भागते गिरफ़्त में आ रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई अब और ज्यादा आक्रामक हो गई है।
जिले में तस्करी के खिलाफ एक-एक कर जाल बिछाए जा रहे हैं और हर जाल में माफिया उलझते जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार रात एक बार फिर आबकारी विभाग की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की। आबकारी निरीक्षक डॉ. शिखा ठाकुर ने थाना-135 पुलिस टीम के साथ मिलकर सेक्टर-168 स्थित डबल सर्विस रोड के पास बृहस्पतिवार मार्केट में अचानक दबिश दी। इस दबिश में एक शातिर शराब तस्कर दीपू पुत्र भूपेंद्र को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। उसके पास से यूपी मार्का कैटरीना देसी शराब की कुल 120 सीलबंद बोतलें (200 एमएल प्रत्येक) बरामद की गईं। ये शराब वह रात के अंधेरे में, जब लाइसेंसी दुकानें बंद हो जाती थीं, तब ऊंचे दामों में बेचता था। जांच में यह भी सामने आया कि दीपू लाइसेंसधारी दुकानों से दिन में वैध तरीके से शराब खरीदता था, लेकिन उसका मकसद कानून का पालन करना नहीं बल्कि रात में उसी शराब को ब्लैक मार्केट में ऊंचे मुनाफे पर बेचना था।
सुनियोजित तरीके से चल रहा यह कारोबार आबकारी विभाग की तेज निगाहों से नहीं बच पाया। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की रणनीति के तहत काम कर रही टीम ने इस नेटवर्क का एक और सिरा काट कर साबित कर दिया कि अब जिले में तस्करों के लिए कोई जगह नहीं बची है। गिरफ्तार तस्कर के खिलाफ आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे थाने में सुपुर्द किया गया, जहां से बाद में उसे जेल भेज दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई तस्करी के बड़े नेटवर्क के खिलाफ लगातार चल रही मुहिम का हिस्सा है, जो आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी।
लाइसेंसी दुकानों से खरीदकर चलाता था ब्लैक मार्केट
जांच में यह भी सामने आया कि पकड़ा गया तस्कर जिले की लाइसेंसी दुकानों से ही शराब खरीदता था और फिर उसे रात के अंधेरे में ऊंचे दामों में बेचता था। यानी वह सरकारी लाइसेंस के पीछे छिपकर अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था। लेकिन आबकारी विभाग की सतर्कता के आगे उसका यह धंधा ज्यादा देर नहीं टिक सका।
रात के सौदागरों की अब खैर नहीं
रात के अंधेरे में अवैध शराब का जहर घोलने वालों पर अब कानून का डंडा सख्ती से चल रहा है। अवैध शराब के गोरखधंधे में लिप्त माफियाओं के खिलाफ आबकारी विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में विभाग की टीमों ने रातभर कई इलाकों में दबिश दी। इस दौरान न केवल भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई, बल्कि कई तस्करों को रंगेहाथ पकड़ा गया। जो लोग समाज में ज़हर फैला रहे हैं, उन्हें अब चैन से सोने नहीं दिया जाएगा। रात के सौदागर अब बख्शे नहीं जाएंगे।
लीडरशिप में धार:
• आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की रणनीति से बिछाया गया शिकंजा
• हर सूचना पर त्वरित एक्शन, हर दबिश में सफलता
नतीजे मैदान में:
• हालिया कार्रवाई में 120 पव्वे देशी शराब के साथ तस्कर गिरफ़्तार
• जिला आबकारी टीम लगातार तस्करी के नेटवर्क को तोडऩे में जुटी
















