उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड के निर्देशन में गाजियाबाद पुलिस अपराधियों की कमर तोडऩे के अभियान में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इस मुहिम को जमीनी हकीकत में बदलने का बीड़ा उठाया है तेज-तर्रार और दबंग अफसर एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने, जिनकी कार्यशैली इन दिनों शहर के अपराधियों के लिए खौफ का नाम बन चुकी है। बीती रात एसीपी प्रियाश्री पाल की अगुवाई में थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक की प्रभारी एसएचओ सरिता सिंह और उनकी टीम ने एक साहसी कार्रवाई में दो शातिर लुटेरों को मुठभेड़ के दौरान गोली मारकर गिरफ़्तार कर लिया। यह मुठभेड़ गंगाजल प्लांट अंडरपास और रिछपालगढ़ी पुलिया के बीच उस समय हुई, जब दोनों लुटेरे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। मुठभेड़ में घायल बदमाशों की पहचान सनी निवासी हापुड़ और देवेश निवासी क्रॉसिंग रिपब्लिक के रूप में हुई है।
इनके कब्जे से कविनगर थाना क्षेत्र से चुराई गई अपाचे बाइक, आधा दर्जन से अधिक मोबाइल फोन, देशी तमंचे, कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया है। एसीपी प्रियाश्री पाल ने बताया यह गैंग दिल्ली-एनसीआर में अब तक चोरी, लूट और स्नेचिंग की दर्जनों घटनाओं को अंजाम दे चुका है और पुलिस के लिए सिरदर्द तथा आम जनता के लिए दहशत बन चुका था। एसीपी प्रियाश्री पाल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी संगठित और शातिर क्यों न हो, गाजियाबाद पुलिस उसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
उनकी कार्यशैली, रणनीति और फील्ड में खुद उतरकर कार्रवाई करना उन्हें एक सख्त, असरदार और निडर अफसर बनाता है जिसकी चर्चा शहरभर में है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध करने वालों को अब या तो जेल की सलाखें नसीब होंगी या फिर अस्पताल की स्ट्रेचर। उनकी इस चेतावनी से यह साफ हो गया है कि गाजियाबाद में अपराध की कोई जगह नहीं बची है। गाजियाबाद के नागरिकों में पुलिस की इस कड़ी कार्रवाई के बाद राहत की भावना है। लोगों का कहना है कि जिस तरह एसीपी प्रियाश्री पाल ने अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोला है, उससे कानून-व्यवस्था पर आम जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है।
















