ट्रिपल सुसाइड केस में उलझती गुत्थी, कोरियन कल्चर बना जांच का अहम एंगल, कमरे से मिला सुसाइड नोट, लिखा-‘सॉरी पापा…

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में सामने आए दिल दहला देने वाले ट्रिपल सुसाइड मामले ने न सिर्फ पूरे शहर को झकझोर दिया है, बल्कि पुलिस जांच के साथ-साथ समाज के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रांस-हिंडन क्षेत्र की भारत सिटी सोसायटी में बुधवार को 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन नाबालिग बहनों की मौत के बाद शुरुआती जांच में पुलिस को उनके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। सुसाइड नोट में बेटियों ने अपने पिता के नाम भावुक संदेश लिखा है-  ‘जिंदगी की सच्ची कहानी (ट्रू लाइफ स्टोरी)… इस डायरी में जो कुछ लिखा है, वो सब पढ़ लो। क्योंकि ये सब सच है। अभी पढ़ो… सॉरी पापा… आई एम रियली सॉरी ‘। नोट के साथ रोती हुई इमोजी भी बनाई गई है, जिससे बेटियों की मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा रहा है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें कोरियन कल्चर से गहराई से प्रभावित थीं।

वे कोरियन मूवी, वेब सीरीज और ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम्स देखा और खेला करती थीं। जांच में यह भी पता चला कि कोरोना काल के बाद तीनों बहनों ने पढ़ाई छोड़ दी थी और इसके बाद मोबाइल फोन पर उनका अधिक समय बीतने लगा। पुलिस का मानना है कि मोबाइल छिनने के बाद वे अचानक अपनी डिजिटल दुनिया से कट गईं, जिससे वे मानसिक तनाव में चली गईं। बताया जा रहा है कि तीनों बहनें हमेशा साथ रहती थीं और उनमें से प्राची नेतृत्व की भूमिका में थी। वह जो भी निर्णय लेती, बाकी दोनों बहनें उसी का अनुसरण करती थीं। तीनों मृतक बहनों की उम्र में मात्र दो-दो साल का अंतर था—निशिका (15), प्राची (14) और पाखी (12)। पुलिस जांच में परिवार की पृष्ठभूमि भी सामने आई है, जो इस मामले को और जटिल बनाती है। मृतक बहनों के पिता चेतन साहिबाबाद के टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में पिछले तीन वर्षों से परिवार के साथ रह रहे थे। चेतन ने दो शादियां की थीं और खास बात यह है कि दोनों शादियां सगी बहनों से की गई थीं।

पहली पत्नी से एक बेटी और एक बेटा, जबकि दूसरी पत्नी से तीन बेटियां हैं। घटना के वक्त घर में माता-पिता के अलावा सबसे छोटी साली भी मौजूद थी, जो अविवाहित है और जिनका आना-जाना घर में लगा रहता था। पुलिस के अनुसार, जिस कमरे से तीनों बहनों ने छलांग लगाई, वह घर का पूजा कक्ष था। कमरे की तीन खिड़कियों में से केवल बीच वाली खिड़की खुलती थी और उसी खिड़की से तीनों बहनें नीचे कूदीं। जांच में सामने आया है कि दो बहनें हाथ पकड़कर एक साथ कूदीं, जबकि तीसरी बहन ने अलग से छलांग लगाई। रात करीब दो बजे हुए इस हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि वह पटाखे जैसी लगी। आवाज सुनकर पिता की नींद खुली और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरी सोसायटी में भय और सन्नाटा पसरा हुआ है। सुबह 11 बजे तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम हाउस लाया गया, लेकिन काफी देर तक परिजन वहां नहीं पहुंचे। बाद में पिता पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे, जबकि परिजन घटना के बाद खुद को कमरे में बंद कर किसी से बातचीत नहीं कर रहे थे।

ट्रांस-हिंडन के डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि तीनों नाबालिग लड़कियां स्पष्ट रूप से कोरियन कल्चर और ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम्स से प्रभावित थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस को घर से सुसाइड नोट मिला है, हालांकि उसमें किसी खास गेम या एप का नाम नहीं लिखा गया है। घटना के समय माता-पिता घर पर ही मौजूद थे, लेकिन उन्हें इसकी भनक नहीं लगी। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि डिजिटल लत, मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों की निगरानी जैसे गंभीर मुद्दों पर भी समाज को सोचने पर मजबूर कर रही है।