-जिला आबकारी अधिकारी ने अनुज्ञापियों के साथ बैठक कर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए
-अवैध शराब पार्टी, कम उम्र को परोसने और नियम उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई का स्पष्ट संदेश
-आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने आयोजन बार अनुज्ञापियों को दी दो-टूक चेतावनी
उदय भूमि संवाददाता
गौतमबुद्ध नगर। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के बाद अब आबकारी विभाग ने रेस्टोरेंट बार एवं आयोजन स्थलों पर शराब परोसने वाले अनुज्ञापियों पर भी सख्ती शुरू कर दी है। नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में अपने कार्यालय में मंगलवार को जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने आबकारी निरीक्षक अभिनव शाही की मौजूदगी में विशेष आयोजन बार अनुज्ञापियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शराब परोसने से जुड़े नियमों, शर्तों और प्रतिबंधों की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना वैध अनुज्ञा के किसी भी प्रकार की शराब पार्टी का आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 21 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को शराब परोसना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि सभी आयोजन बार अनुज्ञापियों के लिए अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (सभा उपयोग के लिए) अनिवार्य किया गया है। इसके बिना किसी भी आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही ‘अपनी बोतल स्वयं लाने’ की व्यवस्था पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि शराब केवल वैध स्रोत से ही परोसी जाएगी और निर्धारित खुदरा मूल्य से न्यूनतम 20 प्रतिशत अधिक मूल्य पर ही बिक्री की अनुमति होगी। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जो आयोजन बार अनुज्ञापी मॉल अथवा स्थायी व्यावसायिक परिसरों में बार संचालन कर रहे हैं, वे अस्थायी अनुज्ञा के स्थान पर स्थायी रेस्टोरेंट बार अनुज्ञा के लिए शीघ्र आवेदन सुनिश्चित करें। जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि नियमों की जानकारी न होना किसी भी प्रकार से उल्लंघन का बहाना नहीं बन सकता। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली इस बैठक में विशेष रूप से देखने को मिली। जहां एक ओर उन्होंने नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अनुज्ञापियों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना।
बैठक में उपस्थित कई बार अनुज्ञापियों ने संचालन से जुड़ी व्यवहारिक कठिनाइयों को रखा, जिन पर जिला आबकारी अधिकारी ने समाधान का आश्वासन दिया और कहा कि नियमों के दायरे में रहते हुए उनकी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने सभी अनुज्ञापियों को निर्देशित किया कि मानक संचालन प्रक्रिया में उल्लिखित प्रत्येक शर्त का अक्षरश: पालन किया जाए। किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910, संबंधित नियमावली तथा आबकारी नीति 2025-26 के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अनुज्ञा निरस्तीकरण तक की कार्रवाई शामिल होगी।
बैठक के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि आबकारी विभाग का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि नियमों के पालन के माध्यम से सुरक्षित, नियंत्रित और कानूनसम्मत वातावरण सुनिश्चित करना है। जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि शराब से जुड़े कारोबार में पारदर्शिता, अनुशासन और जिम्मेदारी सुनिश्चित हो। अंत में बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और उपस्थित अनुज्ञापियों ने भी नियमों के पालन का आश्वासन दिया। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव की सक्रियता, स्पष्ट संवाद और संतुलित सख्ती ने यह संकेत दे दिया है कि जनपद में आबकारी नियमों के उल्लंघन की अब कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।
















