-सर्राफा व्यापारी से ठगी करने वाले दो बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार, 1.9 किलो चांदी और नकदी बरामद
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सर्राफा व्यापारी से हुई ठगी की एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। खुद को कैशवैन या कोरियर कंपनी का चालक और गार्ड बताकर राह चलते लोगों को ठगने वाले दो कुख्यात अपराधियों को एसीपी वेवसिटी प्रियाश्री पाल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने एक सटीक रणनीति के तहत मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। वारदात के महज कुछ ही दिनों बाद पुलिस द्वारा अपराधियों को धर दबोचने की इस तेज कार्रवाई ने कानून व्यवस्था के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को और मज़बूती से साबित किया है। 25 जुलाई की सुबह आगरा निवासी सर्राफा व्यापारी राकेश जब गाजियाबाद से अपने घर लौटने के लिए लालकुआं बस स्टैंड पर खड़े थे, तभी बाइक सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने खुद को कोरियर कंपनी के गार्ड बताकर बैग चेकिंग के नाम पर उनका बैग बदल दिया। व्यापारी के अनुसार उस बैग में एक किलो 900 ग्राम चांदी और एक लाख 55 हजार रुपये नकद मौजूद थे।
वारदात को जिस सफाई और चुपचाप तरीके से अंजाम दिया गया, उसने पुलिस के लिए चुनौती जरूर खड़ी की, लेकिन एसीपी प्रियाश्री पाल की निगरानी में गठित टीम ने इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के समन्वय से इन अपराधियों को चिन्हित कर लिया। शनिवार की देर रात जब वेवसिटी थाना पुलिस और स्वाट टीम ग्रामीण जोन संयुक्त चेकिंग कर रही थी, तभी दो संदिग्ध बाइक सवारों ने पुलिस को देखकर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों को पैर में गोली लगी और उन्हें तुरंत दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अफसर पुत्र फारूख निवासी मोहल्ला शहीदगढ़ी थाना औरंगाबाद, बुलंदशहर और प्रदीप कुमार पुत्र प्रभु सिंह निवासी कैलाश नगर, थाना विजयनगर, गाजियाबाद के रूप में हुई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह दोनों आरोपी बेहद शातिर तरीके से नकली पहचान के सहारे राहगीरों को ठगते थे। इनकी योजना पूरी तरह से सोची-समझी होती थी, जिसमें एक व्यक्ति अपना परिचय कोरियर गार्ड के तौर पर देता और दूसरा सहयोगी बैग बदलने या चोरी करने का काम करता। यही स्कीम उन्होंने 25 जुलाई को भी अपनाई और चांदी-नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के पास से एक किलो 900 ग्राम चांदी, एक लाख पांच हजार रुपये नकद, एक अवैध तमंचा, एक जिन्दा और एक खोखा कारतूस, साथ ही घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई। यही नहीं, पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि यह दोनों अपराधी पूर्व में भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
अफसर के खिलाफ थाना मसूरी में लूट व गैंगस्टर एक्ट समेत पांच मुकदमे दर्ज हैं, जबकि प्रदीप के विरुद्ध हल्द्वानी (उत्तराखंड) में ठगी व चोरी के कुल तीन मुकदमे पंजीकृत हैं। कार्रवाई की कमान संभाल रहीं एसीपी वेवसिटी प्रियाश्री पाल ने इस पूरी कार्यवाही को लेकर साफ कहा कि ऐसे अपराधियों के लिए गाजियाबाद में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, ठगों ने सोचा कि वे मासूम बनकर बच निकलेंगे, लेकिन गाजियाबाद पुलिस की आंखें बहुत तेज़ हैं। हम हर हाल में जनता का विश्वास जीतेंगे और अपराध का हर सिरा काट देंगे। एसीपी की इस तेजतर्रार और निर्णायक कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति अपराध की राह पकड़ता है, तो कानून की पहुंच से बचना नामुमकिन है। एसीपी प्रियाश्री पाल की यह कार्यवाही न केवल पेशेवर पुलिसिंग का उदाहरण है, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था में भरोसे की एक और मजबूत कड़ी साबित हुई है।
पुलिस का सख्त संदेश: “अब कोई नहीं बचेगा”
गाजियाबाद पुलिस की इस तगड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि चाहे ठगी हो या लूट—हर अपराधी अब रडार पर है। एसीपी प्रियाश्री पाल की अगुवाई में वेव सिटी थाना क्षेत्र अपराधियों के लिए ‘नो गो जोन’ बनता जा रहा है।
ऐसे रची गई जाल-ऐसे फंसे शातिर
25 जुलाई को आगरा निवासी सर्राफा व्यापारी राकेश गाजियाबाद से बस पकडऩे लालकुआं पहुंचे थे। तभी बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने खुद को कंपनी गार्ड बताकर बैग चेकिंग का झांसा दिया और व्यापारी का बैग बदलकर फरार हो गए। बैग में थी 1 किलो 900 ग्राम चांदी और 1 लाख 55 हजार की नकदी। पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों को निशाने पर ले रही है जो जनता के बीच भरोसे को तोड़ते हैं। अपराध के हर चेहरे को बेनकाब किया जाएगा।
















