गाजियाबाद में रुपये के लेनदेन में टाइल्स कारोबारी की दोस्त ने तमंचे से की हत्या पुलिस ने कुछ घंटे में खोल दिए सारे राज

गाजियाबाद। सिहानी गेट थाना क्षेत्र अंतर्गत नेहरूनगर में टाइल्स कारोबारी की उसके ही दोस्त ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या कर शव को नेहरूनगर स्थित गाजियाबाद पब्लिक स्कूल के पास फेंक दिया गया। हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे डीसीपी सिटी राजेश कुमार, एसीपी पूनम मिश्रा व सिहानी गेट थाना प्रभारी निरीक्षक सचिन बालियान ने छानबीन की। आरोपी दोस्त ने हत्या कर युवक का शव फेंक दिया और आरोपियों ने घटना को आत्महत्या दिखाने के लिए मृतक ऋषभ गुप्ता (28) के हाथ में तमंचा रखा और भाग गए। मृतक के सिर में गोली मारी गई थी। हत्या के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने चचेरे भाई समेत तीनों दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया। ऋषभ गुप्ता की हत्या के लिए उसके दोस्त ने पहले ही प्लान बनाया हुआ था। मगर जब प्लान फेल हो गया तो बिना देरी किए गाजियाबाद पहुंचते ही मौत के घाट उतार दिया।

डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि न्यू पंचवटी कॉलोनी कोतवाली क्षेत्र निवासी ऋषभ गुप्ता (28) पुत्र वेदप्रकाश की मालीवाड़ा में टाइल्स की शॉप है। वह रात में अपने तीन दोस्तों के साथ हरिद्वार कार से घूमने के लिए निकले थे। चारों ने शराब पी और मेरठ से वापस गाजियाबाद आ गए। यहां पर पहुंचने पर ऋषभ का दोस्त अनुज शर्मा पुत्र मुकेश शर्मा निवासी मुन्नी वाली गली मालीवाड़ा में अपने घर गया और कुछ देर बाद आकर कार में बैठ गया। इसने ही तमंचे से ऋषभ के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या करने के बाद उसके हाथ में तमंचा रख दिया। पुलिस ने जांच की तो युवक का मोबाइल मिला है, जो स्विच ऑफ था। ऋषभ टाइल्स के कारोबारी थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मौके से पुलिस को शव के पास से तंमचा भी बरामद हुआ।

डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया मंगलवार सुबह सूचना मिली कि बसंत रोड पर एक युवक का शव पड़ा है और हाथ में तंमचा भी है। प्रथम दृष्टय मामला सुसाइड का लग रहा था। लेकिन जब युवक की पहचान कर मामले की जांच की गई तो युवक की पहचान पंचवटी निवासी ऋषभ गुप्ता के रुप में हुई। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि मंगलवार को दुकान बंद रहती है तो सोमवार रात को ऋषभ दुकान बंद कर कहीं टहलने के लिए तीन दोस्तों के साथ हरिद्वार जाने के लिए कार से निकल गए। कुछ देर बाद पत्नी ने ऋषभ को फोन किया तो बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ हरिद्वार घूमने जा रहे है। खाना मत बनाना। डीसीपी ने बताया कि इसके दोस्तों की पहचान की गई तो इनमें पुलकित गोयल पुत्र जितेंंद्र गोयल निवासी न्यू पंचवटी कॉलोनी, अनुज शर्मा पुत्र मुकेश शर्मा निवासी मुन्नी वाली गली मालीवाड़ा व मुकुल गुप्ता पुत्र अशोक कुमार निवासी 35 न्यू कालका गढ़ी के नाम सामने आए।

सोमवार को पुलकित की कार में पुलकित, ऋषभ, मुकुल और अनुज गाजियाबाद से हरिद्वारा जाने के लिए निकले थे। कार में शराब पीते हुए वह मेरठ के परतापुर पहुंच गए। कार को ऋषभ चला रहा था। परतापुर से उसने अचानक कार मोड़ दी और हरिद्वार जाने से इंकार कर दिया। डीसीपी का कहना है कि अनुज ने शहर से बाहर हत्या की योजना बनाई होगी, उसी के तहत हरिद्वार जाने का कार्यक्रम बनाया गया था लेकिन ऋषभ के मेरठ से गाडी लौटा लेने पर वह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। अंत में उसने मौका हाथ से निकलता देख नेहरूनगर में आकर मौका मिलने पर गोली मार दी। ऋषभ गुप्ता की हत्या उसके पुराने बिजनेस पार्टनर अनुज ने रंजिश के चलते की थी। उसके खिलाफ विजयनगर थाने में 2021 में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था, उस मामले में वह फरार था। हत्या को अंजाम देने के बाद उसने उक्त मामले में सरेंडर कर दिया और जेल चला गया। मामले के दो अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।