-सातवीं पुण्यतिथि पर डीके पार्क में पुष्पांजलि अर्पित
-शहीदों के बलिदान को बताया राष्ट्र की सुरक्षा की आधारशिला
-देशभक्ति भाव के साथ बड़ी संख्या में नागरिक रहे उपस्थित
उदय भूमि संवाददाता
हल्द्वानी। ‘एक समाज श्रेष्ठ समाज’ संस्था ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की सातवीं पुण्यतिथि पर रविवार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू और मार्गदर्शक रोहतास प्रजापति के नेतृत्व में पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने रामलीला मैदान स्थित डीके पार्क में एकत्र होकर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर संस्था के मार्गदर्शक मीना जोशी एवं सदस्य शांति रावत ने संयुक्त रूप से कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद भारतीय जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना देश और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। दुर्गम परिस्थितियों, अत्यधिक ऊंचाई और कठोर मौसम में तैनात रहकर वे दुश्मनों की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं और मुंहतोड़ जवाब देते हैं। उनके त्याग और साहस के कारण ही देशवासी सुरक्षित वातावरण में अपने पर्व और दैनिक जीवन को निर्भय होकर जी पाते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि शहीदों की स्मृति को जीवित रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। संस्था हर वर्ष पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देकर उनके बलिदान को याद करती है और समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का प्रयास करती है। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू, संरक्षक रुपेन्द्र नागर, सचिव नन्दकिशोर आर्या, मार्गदर्शक मीना जोशी, तरुण सक्सेना, वीरेंद्र जायसवाल, पीयूष शर्मा, राजेश साहू, रोहतास प्रजापति, सुनीता तिवारी, शांति रावत, ममता खत्री, रेनू कांडपाल, निशा वैला, योगिता बनोला, लीला भंडारी, हेमा कार्की, मोनिका आर्या, तारा टकवाल, शर्मिला मित्रा, मीरा श्रोत्रिय, कुसुम बोरा, तारा पाण्डेय, विजय लता, योगेश कश्यप, रवि गुप्ता, विजय गोस्वामी, आयुष साहू, यश गुप्ता, सूरज मिस्त्री, संदीप यादव, संजीत सिन्हा, वंश गुप्ता, लक्ष्मी नारायण, जानकी कश्यप, एकता पाण्डेय, माही बिष्ट, मुकेश साहू, दीपक कुमार, अमित गोस्वामी, सूरज कुम्हार, मुकेश कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शहीदों के प्रति मौन श्रद्धांजलि और राष्ट्र के प्रति समर्पण के संकल्प के साथ किया गया।

















