उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान, समस्याओं के समाधान में विफलता के बाद 22 नवंबर से चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ/गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपने लंबे समय से अनसुनी मांगों और संवर्गीय समस्याओं के समाधान में शासन एवं राजस्व परिषद की उदासीनता के कारण प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान कर दिया है। संघ ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय वर्षों से उपेक्षित किए गए लेखपाल संवर्ग और संगठन के हितों के लिए मजबूरी में लिया गया है। संघ के अनुसार पिछले छह वर्षों में संवर्ग की मांगों को लेकर लगातार पत्राचार, वार्ता और कार्यवृत्त प्रस्तुत किए गए, लेकिन शासन और राजस्व परिषद स्तर पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। गुरुवार को हुई उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय बैठक में यह तय किया गया कि यदि संवर्गीय समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो संघ अपने आंदोलन को व्यापक रूप देगा। संघ ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को तहसील समाधान दिवस के दौरान प्रदेश की समस्त तहसीलों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक शांतिपूर्ण धरना दिया गया और  मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इसके बावजूद समस्याओं के समाधान में कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। संघ ने इस प्रक्रिया के माध्यम से शासन और अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि यदि संवर्गीय समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने कहा कि पिछले छह वर्षों में लेखपाल संवर्ग ने अनुशासित तरीके से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं को सफल बनाया, बावजूद इसके संवर्ग और संगठन की लगातार उपेक्षा की गई। संघ ने उल्लेख किया कि 2016, 2017, 2018, 2019 और 2024 में संवर्ग की मांगों और कार्यवृत्त के अनुसार शासन और राजस्व परिषद स्तर पर सहमति बनने के बावजूद कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। पत्राचार, ज्ञापन और बैठकों के माध्यम से बार-बार ध्यानाकर्षण कराने के बावजूद संवर्गीय समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिससे आंदोलन की संभावना बढ़ी। संघ ने यह भी कहा कि पिछले छह वर्षों में उन्होंने कभी भी आंदोलन नहीं किया और हमेशा अनुशासन का पालन करते हुए अपने कार्यों के साथ अन्य विभागों की योजनाओं को भी सफल बनाया। इसके बावजूद उपेक्षा और संवर्ग की समस्याओं का गंभीरता से न हल होना आंदोलन का मुख्य कारण है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने आगामी चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम भी सार्वजनिक किया है।

इसमें शामिल हैं: 22 नवंबर 2025 को थाना समाधान दिवस के अवसर पर सभी लेखपाल काली पट्टी पहनेंगे, 8 दिसंबर 2025 को प्रदेश के सभी जनपदों में मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा, 13 दिसंबर 2025 को पुन: थाना समाधान दिवस पर काली पट्टी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 20 दिसंबर 2025 को सभी तहसील मुख्यालयों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना आयोजित होगा और ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। 27 दिसंबर को थाना समाधान दिवस पर काली पट्टी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 30 दिसंबर 2025 को प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना दिया जाएगा और ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। 6 जनवरी 2026 को प्रदेश के सभी लेखपाल राजस्व परिषद कार्यालय लखनऊ में धरना देंगे और संवर्गीय समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 6 जनवरी 2026 तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पूरे कार्यों का बहिष्कार और विधानसभा पर प्रदर्शन सहित अन्य व्यापक आंदोलन किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि यह एक अनुशासित संगठन है और हमेशा पत्राचार, ज्ञापन और वार्ता के माध्यम से अपने हक के लिए प्रयास करता है। आंदोलन का निर्णय केवल वर्षों की उपेक्षा और संवर्गीय समस्याओं के निराकरण में शासन और परिषद की निष्क्रियता के कारण लिया गया है। संघ ने यह भी कहा कि संवर्ग के हितों और आमजन के हित में उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से होगा, लेकिन यदि संवर्गीय समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का दायरा और गंभीर रूप लेगा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शासन और राजस्व परिषद से आग्रह किया है कि 13 अक्टूबर 2025 एवं 5 अप्रैल 2024 को प्रस्तुत मांग पत्रों और कार्यवृत्तों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए और संवर्गीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। संघ ने यह भी कहा कि लेखपाल संवर्ग लगातार विभागीय योजनाओं में सहयोग करता रहा है, लेकिन उनकी मांगों की उपेक्षा ने आंदोलन को मजबूरी बना दिया है। संघ का उद्देश्य केवल अपने संवर्ग के अधिकारों और कर्तव्यों का उचित समाधान कराना है।