गाजियाबाद। गाजियाबाद सदर सीट पर होने वाले उपचुनाव की मंगलवार को घोषणा हो जाने के बाद अब चुनावी बिगुल बज गया है। आगामी 13 नवंबर को गाजियाबाद सीट के लिए वोट डाले जाएंगे। जबकि 23 नवंबर को मतगणना होने के बाद चुनाव परिणाम घोषित किया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की मंगलवार को घोषणा कर दी। इसके लिए नामांकन प्रक्रिया 18 अक्टूबर से शुरू होगी। वहीं,नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर है। प्रदेश में 9 सीटों पर उपचुनाव होंगे। इनमें गाजियाबाद सदर सीट भी शामिल हैं। गाजियाबाद सदर सीट से अतुल गर्ग यहां से विधायक थे। लेकिन जून-2024 में हुए लोकसभा आम चुनाव में अतुल गर्ग ने जीत हासिल कर वह सांसद बन गए। इसके बाद से यह सीट खाली हो गई। भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के लिए यह उपचुनाव 2027 का सेमीफाइनल माना जा रहा है। इस बार गाजियाबाद सदर सीट खास है। यहां से दो बार के विधायक अतुल गर्ग के संसद में जाने के बाद खाली सीट पर कांग्रेस-सपा गठबंधन की नजर है।
देखना होगा कि गठबंधन में यह सीट किसके खाते में जाएगी। वहीं, भाजपा यहां से तीसरी बार जीतने के लिए पुरजोर कोशिश करेगी। भाजपा,कांग्रेस-सपा ने अभी तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। लेकिन आजाद समाज पार्टी ने यहां से सत्यपाल चौधरी को अपना प्रत्याशी जरूर घोषित किया है। वहीं,बसपा ने भी अभी प्रत्याशी के नाम के पत्ते नहीं खोले हैं। दरअसल,वर्ष-2022 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो अतुल गर्ग ने सदर सीट से बंपर जीत हासिल की थी। उन्हें जहां 150205 वोट मिले थे। वहीं,सपा के विशाल वर्मा को 44,668 वोट मिले थे। कांग्रेस और बसपा का हाल सीट पर खराब रहा था। अगर गाजियाबाद सदर सीट की जातीय समीकरणों की बात करें तो इस सीट पर सबसे अधिक 80 हजार दलित,55 हजार ब्राह्मण,45 हजार पिछड़े,35 हजार वैश्य,25 हजार ठाकुर और 35 हजार मुस्लिम मतदाताओं की संख्या हैं। उपचुनाव की तारीख की घोषणा होने से जनपद में एक बार फिर राजनीति में सियासी पारा चढऩे वाला है। गाजियाबाद सदर सीट पर भाजपा के अलावा कांग्रेस-सपा गठबंधन,बसपा,आजाद समाज पार्टी के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है। प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन हैं।
आजाद समाज पार्टी को छोड़कर फिलहाल भाजपा,कांग्रेस व बसपा की ओर से प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं की गई है। उम्मीद है कि 18 अक्टूबर से नामांकन दाखिल की प्रक्रिया शुरू होने से पहले राजनीतिक दल अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा भी कर देंगे। विकास कार्यों पर लगेगी एक माह तक रोक:निर्वाचन आयोग द्वारा मंगलवार को उपचुनाव की घोषणा कर दिए जाने के बाद आदर्श आचार संहिता भी जनपद में लागू हो गई है। ऐसे में गाजियाबाद सदर विधानसभा सीट पर आगामी 13 नवंबर को होने वाले मतदान के चलते अब एक माह तक विकास कार्यों पर भी रोक लग जाएगी। इसमें जीडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी समेत अन्य विभागों द्वारा नए विकास कार्यों पर भी ब्रेक लग गया हैं।
ऐसे में 23 नवंबर को मतगणना होने और चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ही आचार संहिता समाप्त हो पाएगी। सरकारी विभागों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों पर अब एक माह तक रोक रहेगी। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि विधानसभा उपचुनाव की तारीख का चुनाव आयोग द्वारा घोषणा किए जाने से जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद सदर सीट पर होने वाले उपचुनाव के चलते अब विकास कार्यों पर एक माह तक रोक रहेगी। आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
















