यमुना सिटी मेडिकल डिवाइस पार्क में विप्रो-जीई की उत्पादन इकाई से निवेश को मिलेगी नई गति

-कंपनी ने पार्क का दौरा कर सुविधाओं और लॉजिस्टिक्स की संभावनाओं का जायजा लिया
-12 एकड़ में स्थापित होने वाली इकाई से उत्तर भारत के मेडिकल डिवाइस सेक्टर में बढ़ेगा उत्पादन और रोजगार
-यमुना अथॉरिटी के प्रयासों को मिला सकारात्मक परिणाम, एंकर कंपनी के आगमन से पार्क की चमक बढ़ेगी

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश को लेकर बड़ी सफलता मिलने के संकेत हैं। मेडिकल उपकरण निर्माण की अग्रणी कंपनी विप्रो-जीई यहां अपनी उत्पादन इकाई स्थापित करने की तैयारी में है। बुधवार को कंपनी के उच्च अधिकारियों की एक टीम ने मेडिकल डिवाइस पार्क का दौरा कर वहां उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लिया। टीम को यह क्षेत्र निवेश के लिहाज से उपयुक्त लगा है। सूत्रों के अनुसार कंपनी यहां करीब 12 एकड़ जमीन ले सकती है, जिस पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण सेक्टर-28 में केंद्र सरकार के सहयोग से 350 एकड़ में उत्तर भारत का पहला मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित कर रहा है। इस पार्क में अब तक 101 कंपनियों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें से एक कंपनी ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है, जबकि कई अन्य कंपनियां निर्माण कार्य में जुटी हैं। यमुना अथॉरिटी इस पार्क में एक बड़ी एंकर कंपनी लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। इसी क्रम में यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों ने देश के कई प्रमुख शहरों का दौरा किया और बड़ी कंपनियों के सीईओ स्तर के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। अब इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आता दिख रहा है।

बुधवार को विप्रो-जीई कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ यमुना अथॉरिटी के सीईओ आरके सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने टीम को पार्क की प्रमुख सुविधाओं की जानकारी दी। मेडिकल डिवाइस पार्क में प्रशासनिक भवन, कॉमन फैसिलिटी सेंटर समेत जरूरी आधारभूत ढांचा पहले ही विकसित किया जा चुका है। इसके अलावा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नजदीकी भी कंपनी अधिकारियों को बताई गई, जिससे लॉजिस्टिक्स और निर्यात में सुविधा मिलेगी। यमुना अथॉरिटी के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि विप्रो-जीई के प्रतिनिधियों ने पार्क के इंफ्रास्ट्रक्चर को देखा है और यहां निवेश के लिए सकारात्मक रुख दिखाया है। यदि यह प्रस्ताव अंतिम रूप लेता है, तो मेडिकल डिवाइस पार्क के विकास को नई गति मिलेगी।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने बताया कि पार्क में डेटा सेंटर, अपैरल पार्क, सेमीकंडक्टर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) जैसे सहायक औद्योगिक क्लस्टर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पार्क के भीतर निर्यात सुविधा और लाइसेंसिंग समर्थन की पूरी व्यवस्था की गई है। श्री भाटिया ने यह भी बताया कि मेडिकल डिवाइस पार्क का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसे वर्ष 2026 के अंत तक पूरी तरह से तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्क में अब तक 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और भूमि आवंटन योजनाओं को उद्योग जगत से अत्यधिक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।