ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने ऐसा फैसला लिया है, जो अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ा था। इस फैसले से लोगों को बहुत फायदा मिलेगा। प्राधिकरण ने मुख्य मार्गों की अविकसित सर्विस रोड के निर्माण की कार्ययोजना बनाई है। जहां पर अतिक्रमण है, उसे भी दूर किया जाएगा। इससे लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
विजय मिश्रा (उदय भूमि)
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने ऐसा फैसला लिया है, जो अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ा था। इस फैसले से लोगों को बहुत फायदा मिलेगा। प्राधिकरण ने मुख्य मार्गों की अविकसित सर्विस रोड के निर्माण की कार्ययोजना बनाई है। जहां पर अतिक्रमण है, उसे भी दूर किया जाएगा। इससे लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने ऐसा फैसला लिया है, जो अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ा था। इस फैसले से लोगों को बहुत फायदा मिलेगा। प्राधिकरण ने मुख्य मार्गों की अविकसित सर्विस रोड के निर्माण की कार्ययोजना बनाई है। जहां पर अतिक्रमण है, उसे भी दूर किया जाएगा। इससे लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में तमाम सड़कें ऐसी हैं, जिनकी सर्विस रोड अधूरी हैं। सर्विस रोड अधूरी होने से लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। अब इस समस्या से निजात मिल जाएगी। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के टेक्जोन-4 में स्पोर्ट सिटी के आसपास 6 किमी लंबी सर्विस रोड को चिन्हित कर उसके निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस पर लगभग 18 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस सर्विस रोड के चालू हो जाने पर स्पोर्ट सिटी के अलावा आसपास की अन्य सोसाइटियों व इटेड़ा गांव की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी।
शहरी क्षेत्र का विस्तार होने से बड़ रहा ट्रैफिक का दबाव
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को जाम की समस्या से सबसे ज्यादा जूझना पड़ता है। शहरी क्षेत्र का विस्तार होने और आबादी बढ़ने से ट्रैफिक का दबाव दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इससे निपटने के लिए सड़कों के चौड़ीकरण व यूटर्न के निर्माण के साथ कुछ अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं। पूर्व में कराए गए सर्वे में पाया गया कि कई स्थानों पर अब तक मुख्य सड़कों की सर्विस रोड का निर्माण नहीं किया गया है,जिसकी वजह से समस्या उत्पन्न हो रही है। जबकि मास्टर प्लान में सर्विस रोड के लिए जगह आरक्षित है। यही नहीं सर्विस रोड की जमीन पर अतिक्रमण रखा है। इससे आवागमन में परेशानी होती है।
इन सर्किल में अधिक अतिक्रमण
ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र के वर्क सर्किल- 1 व 3 में सबसे ज्यादा अतिक्रमण है। सीईओ ने सभी वर्क सर्किल के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, कि यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सभी मुख्य मार्गों की सर्विस रोड को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्पोर्ट सिटी के आसपास 2 हिस्सों में 6 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। इसमें से 3 किलोमीटर का एस्टीमेट भी तैयार कर लिया गया है। इस पर 9 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
आरक्षित जमीन से दूर होंगी बाधाएं
सीईओ ने कहा कि जहां पर भी सर्विस रोड के लिए जगह आरक्षित की गई है, उसे दुरुस्त किया जाएगा। उसको कब्जा मुक्त किया जाए। एलजी गोलचक्कर से जगत फार्म मार्केट को जोड़ने वाली सर्विस रोड को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। इसकी कम से कम एक फुट चौड़ाई भी बढ़ाई जा रही है। इससे भी जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
मुख्य सड़कों और अन्य सभी सड़कों पर जहां सर्विस रोड प्रस्तावित है, उसे बनवाया जाएगा। इनके निर्माण की योजना बनाई गई है। जहां पर अतिक्रमण होगा, उसे हटाया जाएगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त होगी।
एनजी रवि कुमार, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण।
















