यमुना प्राधिकरण का बुल्डोजर गरजा, 350 करोड़ की जमीन अतिक्रमण मुक्त

-दयानतपुर में बड़ी कार्रवाई, अवैध कब्जों पर चला सख्त अभियान
-जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी क्षेत्र में साफ हुआ रास्ता, प्राधिकरण सख्त

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। अतिक्रमण के खिलाफ यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ा अभियान चलाया। यह कार्रवाई मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर की गई, जिसमें राजस्व और प्राधिकरण की टीम ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।

अभियान का नेतृत्व अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार ने किया, जबकि विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, अभिषेक शाही और हरी प्रताप सिंह के साथ-साथ तहसीलदार मनोज कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही। कार्रवाई के दौरान ग्राम दयानतपुर में बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण हटाया गया। प्राधिकरण की टीम ने लगभग 70,240 वर्ग मीटर भूमि को कब्जा मुक्त कराया। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट से जुड़े महत्वपूर्ण सेक्टरों और 60 मीटर चौड़ी सड़क, जो क्षेत्र की प्रमुख कनेक्टिविटी मार्गों में से एक है, को भी अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।

जांच में सामने आया कि कुछ बाहरी व्यक्तियों ने अवैध रूप से जमीन की खरीद-फरोख्त कर उस पर बाउंड्री वॉल बनाकर कब्जा कर लिया था। प्राधिकरण ने सख्ती दिखाते हुए इन सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया और जमीन को दोबारा अपने अधिकार में ले लिया। कब्जा मुक्त कराई गई इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 350 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह भूमि विकास परियोजनाओं के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए। ऐसे में इस पर अवैध कब्जा न केवल विकास कार्यों में बाधा बन रहा था, बल्कि प्राधिकरण के लिए भी चुनौती बना हुआ था।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस तरह के अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। यीडा अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे बिना प्राधिकरण की अनुमति के किसी भी जमीन की खरीद-फरोख्त न करें और अवैध निर्माण से बचें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्राधिकरण को देने को कहा गया है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।