यमुना सिटी बनेगी औद्योगिक हब: एस्कॉर्ट्स कुबोटा लगाएगा 4500 करोड़ का ट्रैक्टर प्लांट

• 4500 करोड़ का निवेश बनेगा हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण: राकेश कुमार सिंह
• यीडा सेक्टर-10 में 190 एकड़ भूमि पर बनेगी आधुनिक विनिर्माण इकाई
• 4000 से अधिक युवाओं को रोजगार, कृषि और औद्योगिक क्षेत्र को नई दिशा

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी अब केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि उत्तर भारत की औद्योगिक क्रांति का केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रही है। सोमवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड को सेक्टर-10 में 190 एकड़ भूमि आवंटित कर दी। कंपनी इस भूमि पर लगभग 4500 करोड़ रुपये का निवेश कर अत्याधुनिक ट्रैक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी। इस ऐतिहासिक परियोजना से 4000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यह प्रोजेक्ट केवल एक उद्योग की स्थापना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदलने वाला कदम है। कृषि प्रधान देश भारत में आधुनिक तकनीक से लैस ट्रैक्टरों और कृषि उपकरणों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह संयंत्र किसानों को सशक्त करेगा और भारत की उत्पादन क्षमता को वैश्विक स्तर तक पहुँचाएगा।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड का जन्म 2019 में हुआ, जब भारतीय कंपनी एस्कॉर्ट्स ने जापानी दिग्गज कुबोटा कॉर्पोरेशन के साथ साझेदारी की। इस संयुक्त उद्यम का उद्देश्य केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सस्ती, टिकाऊ और तकनीक-प्रधान कृषि मशीनरी उपलब्ध कराना है। अब यीडा सेक्टर-10 में स्थापित होने जा रहा यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट भारत को कृषि उपकरण उत्पादन में वैश्विक शक्ति बना देगा।
इस अवसर पर यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि यह निवेश केवल एक औद्योगिक इकाई की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह हजारों परिवारों की आजीविका और क्षेत्र की समृद्धि की आधारशिला है। उनका कहना था कि प्राधिकरण की प्राथमिकता हमेशा निवेशकों को सुरक्षित और पारदर्शी माहौल उपलब्ध कराना रही है। इसी कार्यशैली ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों का विश्वास जीता और यमुना सिटी को निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बनाया। उन्होंने कहा हमारा उद्देश्य केवल उद्योग लाना नहीं है, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी नई ऊँचाई पर ले जाना है। एस्कॉर्ट्स कुबोटा का यह प्रोजेक्ट यमुना सिटी को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करेगा।

विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम
परियोजना के पहले चरण में लगभग 2000 करोड़ रुपये का निवेश कर ट्रैक्टर प्लांट, वाणिज्यिक उपकरण संयंत्र और अन्य बुनियादी ढाँचे का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में उत्पादन क्षमता को और बढ़ाया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य न केवल घरेलू बाजार की जरूरतें पूरी करना है, बल्कि विदेशी बाजारों में भी भारत की मजबूत पहचान बनाना है। साथ ही, अनुसंधान और विकास सेवाओं को भी यहीं से संचालित करने की योजना है, जिससे भारत को औद्योगिक अनुसंधान का वैश्विक केंद्र बनने का अवसर मिलेगा।

यमुना सिटी का बदलता चेहरा
इस परियोजना से यमुना एक्सप्रेसवे का औद्योगिक परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा। हजारों रोजगार के अवसर स्थानीय युवाओं को नई दिशा देंगे। आसपास की अर्थव्यवस्था को भी सीधा लाभ होगा और आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बुनियादी ढाँचों में नई संभावनाएँ खुलेंगी। एस्कॉर्ट्स कुबोटा का यह संयंत्र आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने वाला साबित होगा।

चरणबद्ध निवेश से बनेगा औद्योगिक हब
• पहले चरण में 2000 करोड़ रुपये का निवेश कर ट्रैक्टर प्लांट, वाणिज्यिक उपकरण संयंत्र और आवश्यक आधारभूत ढाँचे का निर्माण होगा।
• दूसरे चरण में बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन क्षमता को और बढ़ाया जाएगा।
• इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट से यीडा का औद्योगिक परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत को नई गति
• एस्कॉर्ट्स कुबोटा का यह संयंत्र आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को मजबूती देगा।
• यहां बनने वाले ट्रैक्टर और उपकरण वैश्विक मानकों पर आधारित होंगे।
• भारत को एक वैश्विक कृषि उपकरण विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।
• अनुसंधान और विकास (R&D) सेवाओं का बड़ा हिस्सा यहीं से दुनिया तक पहुँचेगा।

यमुना सिटी को निवेश और उद्योगों के लिए सबसे अनुकूल गंतव्य बनाने का हमारा संकल्प अब साकार हो रहा है। एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड का 4500 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट केवल एक विनिर्माण इकाई नहीं, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक उन्नति की नई शुरुआत है। इससे हजारों परिवारों को रोजगार और बेहतर जीवनस्तर मिलेगा। हमारी कोशिश है कि निवेशक सुरक्षित और पारदर्शी माहौल में काम करें और यमुना सिटी को औद्योगिक नक्शे पर वैश्विक पहचान दिलाएँ। यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्रांति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
राकेश कुमार सिंह
सीईओ, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण