एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को बनाया उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

-चार दशक का राजनीतिक अनुभव, समाजसेवा और ईमानदार छवि ने दिलाया बड़ा सम्मान- जनसेवक तरुण मिश्र ने दी शुभकामनाएं

उदय भूमि संवाददाता
नई दिल्ली। राजनीति और समाजसेवा में चार दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पोन्नुसामी (सीपी) राधाकृष्णन को रविवार को एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया। उनके नाम की घोषणा होते ही पूरे राजनीतिक गलियारे में खुशी की लहर दौड़ गई। राधाकृष्णन ने अपने लंबे राजनीतिक सफर में न केवल संगठन को मज़बूती दी है बल्कि समाज के लिए भी कई बड़े कार्य किए हैं। 4 मई 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे सीपी राधाकृष्णन व्यवसाय प्रशासन में स्नातक हैं। उन्होंने राजनीति की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से की और 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने। 1998 और 1999 में वह कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए।

2004 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व किया। तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 19,000 किलोमीटर लंबी रथ यात्रा निकालकर आतंकवाद उन्मूलन, नदियों की माला परियोजना, समान नागरिक संहिता और नशा मुक्ति जैसे सामाजिक मुद्दों पर जनता को जागरूक किया। फरवरी 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया और वर्तमान में वह महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। ईमानदार, साफ-सुथरी और विकासोन्मुख छवि के चलते आज उन्हें देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक के लिए चुना गया है।

जनसेवक तरुण मिश्र ने कहा कि सीपी राधाकृष्णन जी का उपराष्ट्रपति पद के लिए चयन पूरे राष्ट्र के लिए गर्व की बात है। वे न केवल एक अनुभवी राजनेता हैं बल्कि समाजसेवा और राष्ट्रहित के मुद्दों के लिए हमेशा सक्रिय रहे हैं। उनका जीवन त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है। चार दशकों से अधिक का राजनीतिक अनुभव, साफ-सुथरी छवि और जनता के बीच उनकी स्वीकृति इस बात का प्रमाण है कि वे इस पद के लिए सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार हैं। एनडीए ने उनका नाम घोषित कर सही मायनों में एक योग्य और आदर्श व्यक्तित्व को देश की सेवा का अवसर दिया है। मैं उन्हें हृदय से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं कि वे राष्ट्र की गरिमा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए ऐतिहासिक कार्य करेंगे।