यशोदा मेडिसिटी में 10 दिनों में 100 से अधिक कीमोथेरेपी सत्र पूरे, मरीजों को मिली जीवनदायिनी राहत

-डॉ. मनीष सिंघल और विशेषज्ञ टीम के कुशल नेतृत्व में कैंसर रोगियों को समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध
-मरीजों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि: डॉ. पी.एन. अरोड़ा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी समूह के अस्पतालों ने चिकित्सा ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज की है। डॉ. मनीष सिंघल, उपाध्यक्ष, चिकित्सा ऑन्कोलॉजी और डॉ. अभिषेक यादव, निदेशक, चिकित्सा ऑन्कोलॉजी के मार्गदर्शन में पिछले 10 दिनों में 100 से अधिक कीमोथेरेपी सत्र सफलतापूर्वक पूरे किए गए। यह कार्य केवल संख्या की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे मरीजों और उनके परिवारों के जीवन में नया विश्वास और राहत भी पैदा हुई है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इन सत्रों में हर मरीज को व्यक्तिगत देखभाल के साथ उपचार उपलब्ध कराया गया। मरीजों की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और बीमारी की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सत्र की योजना तैयार की गई। इससे न केवल उपचार की प्रभावशीलता बढ़ी, बल्कि मरीजों में मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास भी बना रहा।

यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स चेयरमैन डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे समर्पित चिकित्सक दल और स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत का नतीजा है। मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना हमारा लक्ष्य है और हम इसे निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे। 10 दिनों में 100 से अधिक कीमोथेरेपी सत्र सफलतापूर्वक संपन्न करना यह साबित करता है कि यशोदा मेडिसिटी केवल इलाज नहीं करता, बल्कि मरीजों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. मनीष सिंघल ने बताया कि कीमोथेरेपी केवल दवा देने तक सीमित नहीं है। इसमें मरीज के मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, जीवनशैली और शारीरिक सहायक उपायों को भी शामिल किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज को व्यक्तिगत देखभाल के साथ सत्र में शामिल किया गया और हर सत्र के बाद उनकी रिपोर्ट का विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार उपचार में संशोधन किया गया।

डॉ. अभिषेक यादव ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी में अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञों की टीम के जरिए कीमोथेरेपी को सुरक्षित, प्रभावशाली और कम दुष्प्रभाव वाला बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सत्र में मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया और जरूरत पडऩे पर तुरंत डॉक्टरों द्वारा दवा और देखभाल में बदलाव किया गया। यशोदा समूह के अनुसार, आने वाले समय में चिकित्सा ऑन्कोलॉजी विभाग और अन्य संबंधित विभागों में और विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे ताकि मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं समय पर मिलती रहें। अस्पताल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और सुविधा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसके अलावा, अस्पताल में मरीजों की सुविधा और आराम के लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कीमोथेरेपी के दौरान 24 घंटे निगरानी रखी गई, साथ ही टीम ने मरीजों के परिवारों को भी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की। इससे मरीजों और उनके परिवारों में संतोष और विश्वास बढ़ा है।

डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने बताया कि यशोदा ग्रुप लगातार अपने मेडिकल सेवाओं में सुधार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम न केवल इलाज की गुणवत्ता बढ़ा रहे हैं, बल्कि मरीजों के अनुभव को भी बेहतर बना रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर मरीज को सुरक्षित, भरोसेमंद और समय पर इलाज मिले। हमारा यह प्रयास मरीजों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाएगा। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि इस 10-दिवसीय अभियान के दौरान कैंसर रोगियों की संख्या और उनकी गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम तैयार की गई थी। इस टीम में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी विशेषज्ञ और परामर्शदाता शामिल थे।

आने वाले महीनों में और भी मरीजों के लिए विशेष कैंसर जागरूकता कार्यक्रम और मुफ्त स्वास्थ्य शिविर चलाए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मरीजों को समय पर पहचान, उचित मार्गदर्शन और जीवनदायिनी इलाज उपलब्ध कराना है। इस उपलब्धि के साथ यशोदा मेडिसिटी ने यह साबित कर दिया है कि गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं का स्तर बढ़ाया जा सकता है। यह पहल मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया उदाहरण स्थापित करती है।