-डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने जे.पी. नड्डा से की मुलाकात, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक स्वास्थ्य पर हुई विस्तृत चर्चा
-सेवा पखवाड़ा: ग्रामीण और पिछड़े वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच
-हृदय, कैंसर, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य पर मुफ्त परामर्श
-विशेष स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रमों से समाज में स्थायी स्वास्थ्य सुधार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली एनसीआर के प्रमुख अस्पताल यशोदा मेडिसिटी ने अपने सेवा पखवाड़ा पहल के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में एक नई दिशा की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य केवल चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों तक सेवा की भावना, स्वास्थ्य जागरूकता और सशक्तिकरण फैलाना है। इस पहल के तहत मंगलवार को यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी.एन. अरोड़ा और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात की। बैठक में उन्होंने सेवा पखवाड़ा की दिशा, उद्देश्यों और समाज पर इसके प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।
डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने बताया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण के साथ-साथ समाज में सामूहिक भागीदारी, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वास्थ्य जागरूकता की भावना भी पैदा करती है। उन्होंने कहा कि सरकार, संस्थान और नागरिक मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
सेवा पखवाड़ा का उद्देश्य केवल चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा की भावना पहुँचाना है। हम चाहते हैं कि यह पहल लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करे और उन्हें सशक्त बनाए। सरकार, संस्थान और नागरिक मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यशोदा मेडिसिटी के माध्यम से हम हर व्यक्ति, खासकर ग्रामीण और पिछड़े वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। यह पहल समाज में स्वास्थ्य क्रांति लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है, और हम इसे निरंतर जारी रखेंगे ताकि स्वस्थ, सशक्त और समावेशी भारत का निर्माण हो सके। यशोदा मेडिसिटी ने सेवा पखवाड़ा के तहत 2 अक्टूबर तक मुफ्त स्वास्थ्य परामर्श और सेवाएं प्रदान करने की योजना बनाई है। कार्यक्रम में हृदय देखभाल और स्वास्थ्य परीक्षण, कैंसर जागरूकता और देखभाल, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, डायग्नोस्टिक सेवाएं और विशेषज्ञ परामर्श शामिल हैं।
डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि सेवा पखवाड़ा हर व्यक्ति तक पहुंचे। यह पहल ग्रामीण और पिछड़े वर्गों सहित सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा प्रदान करेगी और समाज में स्वास्थ्य क्रांति लाने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस पहल ने समाज में स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाई है। इसके माध्यम से नागरिकों में सामूहिक भागीदारी, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो रही है। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यशोदा मेडिसिटी जैसी संस्थाएं समाज के स्वास्थ्य और कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनके प्रयासों से स्वस्थ, सशक्त और समावेशी भारत का निर्माण होगा।
भविष्य की योजनाएं और विशेष स्वास्थ्य शिविर
यशोदा मेडिसिटी इस पहल को निरंतर जारी रखेगा और आने वाले समय में और भी विशेष स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान और मुफ्त परामर्श कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसका उद्देश्य है कि हर नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके और समाज में स्थायी स्वास्थ्य सुधार लाया जा सके।
डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि सेवा पखवाड़ा केवल एक पहल नहीं है, बल्कि समाज को मजबूत, स्वस्थ और जागरूक बनाने का संकल्प है। यह कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है बल्कि समाज में सशक्तिकरण, जागरूकता और जीवन गुणवत्ता में सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
















