यशोदा मेडिसिटी में न्यूरोसर्जरी विभाग को नई ऊँचाई: प्रोफेसर डॉ. राजिंदर कुमार बने प्रधान निदेशक एवं यूनिट प्रमुख

• 25 वर्षों का अनुभव और 7,000 से अधिक जटिल मस्तिष्क और रीढ़ की सर्जरी में सफलता का रिकॉर्ड
• एम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण के जरिए वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता
• कार्यात्मक न्यूरोसर्जरी, रक्तवाहिका, स्कल बेस और न्यूनतम चीरा वाली आधुनिक सर्जरी में महारत
• शैक्षणिक और शोध क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान, नवीन तकनीकों और उपकरणों के विकास में सक्रिय भूमिका
• मरीज-केंद्रित देखभाल और विश्वस्तरीय न्यूरोसर्जिकल सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर के अग्रणी स्वास्थ्य संस्थानों में शुमार यशोदा मेडिसिटी ने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्व एम्स प्रोफेसर एवं वरिष्ठ न्यूरोसर्जन प्रोफेसर डॉ. राजिंदर कुमार को यशोदा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज में न्यूरोसर्जरी विभाग का प्रधान निदेशक एवं यूनिट प्रमुख नियुक्त किया है। इस नियुक्ति से यशोदा मेडिसिटी की उन्नत और विश्वस्तरीय न्यूरोसर्जिकल सेवाओं को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त प्रोफेसर डॉ. राजिंदर कुमार को न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अब तक वे 7,000 से अधिक जटिल मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी सर्जरी सफलतापूर्वक कर चुके हैं। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में दो दशकों से अधिक समय तक सेवाएं देते हुए न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है और अनगिनत मरीजों को नया जीवन प्रदान किया है। प्रोफेसर डॉ. कुमार ने एम्स, नई दिल्ली से स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है और वे अमेरिका स्थित आयोवा विश्वविद्यालय के फेलो भी रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम स्थित एएमसी विश्वविद्यालय से कार्यात्मक न्यूरोसर्जरी में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

अमेरिका में गामा नाइफ रेडियोसर्जरी तथा यूरोप और अमेरिका के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से स्कल बेस एंडोस्कोपी में विशेष प्रशिक्षण लेकर उन्होंने अपनी विशेषज्ञता को वैश्विक स्तर तक विस्तारित किया है। उनकी विशेषज्ञता कार्यात्मक न्यूरोसर्जरी, रक्तवाहिका संबंधी न्यूरोसर्जरी, स्कल बेस सर्जरी, एंडोस्कोपिक न्यूरोसर्जरी, रीढ़ की हड्डी की सर्जरी और न्यूनतम चीरा वाली आधुनिक सर्जरी तक फैली हुई है। जटिल और उच्च जोखिम वाले मामलों में उनकी सटीकता और अनुभव उन्हें देश के अग्रणी न्यूरोसर्जनों में शामिल करता है। चिकित्सकीय सेवाओं के साथ-साथ प्रोफेसर डॉ. राजिंदर कुमार का शैक्षणिक और शोध क्षेत्र में भी अहम योगदान रहा है। न्यूरो-ऑन्कोलॉजी, बाल रोग न्यूरोसर्जरी, कार्यात्मक एवं एंडोस्कोपिक न्यूरोसर्जरी जैसे विषयों पर उनके कई शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

साथ ही उन्होंने नवीन शल्य तकनीकों और उपकरणों के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाई है, जिससे न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में निरंतर प्रगति संभव हुई है। यशोदा मेडिसिटी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने इस नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रोफेसर डॉ. राजिंदर कुमार का अनुभव, नेतृत्व और विशेषज्ञता यशोदा मेडिसिटी के न्यूरोसर्जरी विभाग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और मरीजों को और बेहतर तथा सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

वहीं, प्रोफेसर डॉ. राजिंदर कुमार ने यशोदा मेडिसिटी से जुडऩे पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें मरीज-केंद्रित देखभाल की इस यात्रा का हिस्सा बनकर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि न्यूरोसर्जरी में अत्यधिक सटीकता और नवीन तकनीकों की आवश्यकता होती है और वे अपने अनुभव के माध्यम से यहां सर्जरी की गुणवत्ता और मरीजों के उपचार परिणामों को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। इस नई नियुक्ति के साथ यशोदा मेडिसिटी ने अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से विश्वस्तरीय न्यूरोसर्जिकल सेवाएं प्रदान करने के अपने संकल्प को और अधिक मजबूत कर लिया है।

डॉ. पीएन अरोड़ा
यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन

यशोदा मेडिसिटी का उद्देश्य हमेशा से मरीजों को विश्वस्तरीय, सुरक्षित और भरोसेमंद उपचार उपलब्ध कराना रहा है। प्रोफेसर डॉ. राजिंदर कुमार जैसे अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त न्यूरोसर्जन के जुडऩे से हमारी न्यूरोसर्जिकल सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। अत्याधुनिक तकनीक, नवीनतम सर्जिकल सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के माध्यम से अब मरीजों को एक ही परिसर में सटीक निदान, उन्नत सर्जरी और समर्पित पोस्ट-ऑपरेटिव केयर की सुविधा मिलेगी। हमारा प्रयास है कि हर मरीज को समय पर, किफायती और सर्वोत्तम उपचार मिले और वे तेजी से स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकें।
डॉ. पी.एन. अरोड़ा
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
यशोदा मेडिसिटी