- विश्व कैंसर दिवस पर ‘व्यापक कैंसर देखभाल में प्रगति’ विषय पर उच्चस्तरीय सीएमई का आयोजन
- बहु-विषयक विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीक, व्यक्तिगत उपचार और समेकित देखभाल मॉडल पर रखे विचार
- यशोदा हेल्थ कार्ड का शुभारंभ, रोगी-केंद्रित कैंसर देखभाल को मिली नई मजबूती
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर दिल्ली-एनसीआर के अग्रणी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल यशोदा मेडिसिटी ने ‘व्यापक कैंसर देखभाल में प्रगति’ विषय पर बुधवार को एक महत्वपूर्ण कंटिन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर उपचार में तेजी से हो रहे नवाचारों, बहु-विषयक दृष्टिकोण और रोगी-केंद्रित देखभाल प्रणाली को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस बात पर बल दिया कि कैंसर जैसे जटिल रोग के प्रभावी उपचार के लिए समय पर पहचान, सटीक निदान और व्यक्तिगत उपचार योजना अत्यंत आवश्यक है। यशोदा मेडिसिटी की इस पहल की विशेषता यह रही कि यह दक्षिण-पूर्व एशिया में उपलब्ध कैंसर देखभाल प्रौद्योगिकियों के सबसे उन्नत और एकीकृत संयोजन से समर्थित है। यह एकीकृत प्रणाली एक ही छत के नीचे सटीक, सुरक्षित और रोगी-केंद्रित उपचार को संभव बनाती है, जिससे उपचार की गुणवत्ता और दीर्घकालिक परिणामों में उल्लेखनीय सुधार होता है।
सीएमई कार्यक्रम में यशोदा मेडिसिटी के विभिन्न विभागों से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया। इनमें डॉ. मनीष सिंघल, वाइस चेयरमैन, मेडिकल ऑन्कोलॉजी; डॉ. गगन सैनी, वाइस चेयरमैन एवं प्रमुख, विकिरण ऑन्कोलॉजी; प्रोफेसर डॉ. राजिंदर कुमार, प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं यूनिट हेड, न्यूरोसर्जरी; डॉ. आसिम रिज़वी, प्रिंसिपल डायरेक्टर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी; डॉ. सतिंदर कौर, सीनियर डायरेक्टर एवं प्रमुख, स्त्री-रोग ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी; डॉ. निवेदिता ढींगरा, डायरेक्टर एवं प्रमुख, हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण; डॉ. अभिषेक यादव, डायरेक्टर, मेडिकल ऑन्कोलॉजी तथा डॉ. निखिल टंडन, कंसल्टेंट, ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी शामिल रहे। विशेषज्ञों ने पर्सनलाइज़्ड ऑन्कोलॉजी, प्रिसीजन रेडिएशन, उन्नत शल्य चिकित्सा और रोबोटिक तकनीकों जैसे उभरते उपचार विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से न केवल उपचार की सटीकता और सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि रोगियों की रिकवरी भी पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज़ और बेहतर हुई है। कार्यक्रम के दौरान सॉलिड ट्यूमर, रक्त कैंसर, मस्तिष्क ट्यूमर, महिलाओं से संबंधित कैंसर तथा दुर्लभ और जटिल कैंसरों के उपचार में समेकित देखभाल पथ के महत्व को रेखांकित किया गया। विशेषज्ञों ने समय पर रेफरल, मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड और निदान से लेकर उपचार तथा सर्वाइवरशिप तक सतत देखभाल की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि विभिन्न विशेषज्ञों के बीच समन्वय से ही रोगी को सर्वोत्तम उपचार परिणाम मिल सकते हैं।
सीएमई कार्यक्रम के दौरान यशोदा मेडिसिटी द्वारा यशोदा हेल्थ कार्ड का भी शुभारंभ किया गया। यह कार्ड रोगियों को रोग की रोकथाम, समय पर जांच और व्यक्तिगत उपचार योजना में सहायता प्रदान करेगा। साथ ही यह कार्ड क्लिनिकल निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में रोगी को केंद्र में रखने की यशोदा मेडिसिटी की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इस अवसर पर यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी. एन. अरोड़ा ने कहा कि विश्व कैंसर दिवस कैंसर के विरुद्ध संघर्ष में जागरूकता, शीघ्र पहचान और करुणामय, रोगी-प्रथम दृष्टिकोण के महत्व को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि सीएमई और यशोदा हेल्थ कार्ड के माध्यम से संस्थान समग्र, सुलभ और उन्नत कैंसर देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहा है।
मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि कैंसर देखभाल तेज़ी से व्यक्तिगत और प्रिसीजन-आधारित उपचार की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम यह सुनिश्चित करते हैं कि चिकित्सक वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से जुड़े रहें और वैज्ञानिक प्रगति को मरीजों के बेहतर जीवन और सर्वाइवल परिणामों में बदल सकें। उन्होंने कहा कि यशोदा मेडिसिटी ज्ञान साझा करने, नवाचार और उत्कृष्ट कैंसर देखभाल के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को लगातार सुदृढ़ कर रही है।

















