गाजियाबाद। बैंकों के उत्पीडऩ से व्यापारियों को बचाने के लिए सोमवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। प्रांतीय अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता ने कोरोना काल में चौपट हुये व्यापार के बारे में अवगत कराते हुये व्यापारियों के हित में निर्णय लेने की मांग की है। कोरोना के प्रभाव को देखते हुए बैंकों से लिये गये ऋण की किस्त जमा करने का समय 31 अगस्त तक बढ़ाया जाये। इसके साथ ही बैंकों के सभी प्रकार के खातों को 31 मार्च 2022 तक एनपीए न किया जाये। प्रत्येक इंडस्ट्रीज व व्यापारी को उसके सालाना टर्न ओवर का 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाये, जिससे वह अपने व्यापार व इंडस्ट्री को संभाल सके। फरवरी 2021 से अगस्त 2021 तक के सभी प्रकार के औद्योगिक, वाणिज्यक व घरेलू ऋणों का ब्याज माफ किया जाये। पिछले साल करे गये ऋण पुनर्गठन हुये खातों को इस बार पुनर्गठन सुविधा पर रोक लगा दी है। बाजार की दशा को देखते हुये सभी प्रकार के खातेदारों को ऋण पुनर्गठन की सुविधा दी जाये। सभी एनपीए खातों को पुर्नगठित किया जाए। उद्यमियों व व्यापारियों को 20 फीसदी धनराशि अनुदान के रूप में टर्नओवर के आधार पर दिए जाने के आदेश पारित किए जाएं, साथ ही आठ मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है।















