डीएम के बाद सीएमओ सहित 20 अधिकारियों को हुआ कोरोना, 50 और अधिकारियों की होगी जांच

कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 36 हजार के पार, व्यवस्थाएं हुई फेल
सीएमओ समेत बीस अधिकारी हुए कोरोना संक्रमित, कई और है बीमार
ऑक्सीजन नहीं मिलने से मरीजों का हाल बेहाल, अस्पतालों में भर्ती कराने के लिए इधर-उधर भाग रहे लोग

गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण से गाजियाबाद में त्राहिमाम मचा हुआ है। कोरोना मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। आम लोगों के साथ-साथ स्वास्थ, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी काफी संख्या में कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। सोमवार को सीएमओ सहित 20 अधिकारियों के कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट आई। जिले में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 36 हजार को पार कर गया है। हालात इस कदर बेकाबू हो गया है कि लोगों को कहीं से भी कोई मदद नहीं मिल रही है। कोविड कंट्रोल रूम का भी हाल बेहाल है। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। लोगों को अस्पताल में भर्ती करने के नाम पर भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी प्राइवेट कहीं भी मरीजों को बेड नहीं मिल रहा है। जिले में 42 कोविड अस्पताल बनाए गए है। लेकिन कई जगह बेड खाली होने के बाद मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा। कोरोना के कहर की वजह से जहां मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। वहीं, ऑक्सीजन और रेमडीसीवर सहित अन्य दवाईयों की कालाबजारी की खबरें आ रही है।

सीएमओ समेत बीस अधिकारी हुए संक्रमित
सोमवार को सीएमओ डा.एनके गुप्ता भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी को कार्यवाहक सीएमओ बनाया गया है। जिला सविज़्लांस अधिकारी डा. आरके गुप्ता ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद सीएमो का सीटी स्कैन कराया गया, जो ठीक आया है। उधर, एसएसपी अमित पाठक ने भी कोरोना जांच कराने के बाद रिपोर्ट आने तक खुद को होम आइसोलेट कर लिया है। जिले के बीस अधिकारी एवं पचास स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने के बाद सरकारी मशीनरी में खलबली मच गई है। डीएम, सीएमओ के अलावा एडीएम प्रशासन संतोष कुमार वैश्य, अपर नगर मजिस्ट्रेट खालिद अंजुम, जिला पूर्ति अधिकारी डा.सीमा, सीओ मोदीनगर भी संक्रमित हैं। संक्रमित होने के बाद सभी घर पर होम आइसोलेट हैं। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. संगीता गोयल, डा.कृष्णा मल्ल, डा. आरपी सिंह, आरसी गुप्ता, मदन लाल, डॉ. संगीता, डा.मुकेश त्यागी भी संक्रमित हैं। 17 लैब टेक्नीशियन एवं पांच फार्मासिस्ट भी संक्रमित हैं।

50 और अधिकारियों की होगी कोरोना जांच
बताया जा रहा है कि लगभग 50 अधिकारियों ने सीएमओ डा. एनके गुप्ता से नजदीक रहकर वार्ता की थी। साथ ही जिला सर्विलांस अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी विश्राम सिंह और जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा से वह रोज मिल रहे थे। ऐसे में सीधे एवं परोक्ष तरीके से बने इस चेन में लगभग 50 और अधिकारियों की जांच होगी।

कंट्रोल रूम के तीन नंबर बंद
जिले में बनाए गए एकीकृत कोविड कंट्रोल कमांड सेंटर के छह नंबर में से तीन पर फोन नहीं लगता है। मरीज और उनके तीमारदार जब अधिकारियों को फोन करते हैं तो कई अधिकारी न तो फोन उठाते हैं न ही बाद में फोन या मैसेज करते हैं। ऐसे में इलाज में मरीजों को मदद मिलना तो दूर परेशानी का सामना ज्यादा करना पड़ रहा है।