– 15 अगस्त से पहले मिल जाएगी योजना की सौैगात
गाजियाबाद। शहर को प्रदूषण मुक्त करने की कवायद के चलते अक्टूबर से शहर में 50 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौडऩा शुरू हो जाएगी। वहीं, इन इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, मेंटेनेंस डिपो एवं बसों के शेल्टर का निर्माण कार्य भी अब 15 अगस्त से पहले पूरा हो जाएगा। नगर निगम द्वारा जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) शाखा से अकबरपुर-बहरामपुर में इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन करने के लिए बसों के चार्जिंग स्टेशन, मेंटेनेंस डिपो एवं बस शेल्टर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सीएंडडीएस शाखा के स्थानिक अभियंता रोहित तोमर ने बताया कि बसों के चार्जिंग स्टेशन,मेंटेनेंस डिपो और बस शेल्टर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। यह करीब 9.29 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण किया गया हैं। इसमें केसरिया रंग की टीन शेड जल्द डालने के बाद 15 अगस्त से पहले डिपो और चार्जिंग स्टेशन एवं बस शेल्टर का कार्य पूरा हो जाएगा। बाउंड्रीवाल के बाद डिपो ओर बस शेल्टर का कार्य पूरा हो गया हैें। पिछले दिनों नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने इलेक्ट्रिक बसों के डिपो और चार्जिंग स्टेशन का जल्द निर्माण कार्य पूरा करने के लिए निगम टीम को मौके पर भेजा था। जल निगम की सीएंडडीएस शाखा ने अब इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग स्टेशन,डिपो और शेल्टर बनाने का कार्य पूरा कर लिया हैं। जल निगम अब जल्द ही इसे नगर निगम को हैंडओवर करेगा। दरअसल, प्रदेश शासन की यह महत्वपूर्ण योजना है। नगर निगम को इसका नोडल विभाग पहले ही घोषित किया गया था। चार्जिंग स्टेशन और मेंटनेंस डिपो के साथ बसों के शेल्टर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ऐसे में जल्द ही शहर में सड़कों पर 50 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती हुई नजर आएंगी।बुधवार को प्रदेश के नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान अगले दो माह में शहर में 50 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने की घोषणा कर गए थे। बसों के संचालन से पहले अकबरपुर-बहरामपुर में चार्जिंग स्टेशन, मेंटेनेंस डिपो और बस शेल्टर का निर्माण कार्य कराने के लिए नगर निगम ने अपनी यहां पर करीब 5600 वर्गमीटर जमीन और 9.29 करोड़ रुपए निर्माण कार्य कराया है। बता दें कि पहले शहर में मई-2020 से इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी की गई थी, इसके लिए 10 रूट भी तय किए गए थे।इनमें से बाद में 6 रूटों पर बसों को चलाने की तैयारी की गई। इसके लिए सर्वे पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि डिपो, चार्जिंग स्टेशन और बस शेल्टर का निर्माण होने के बाद अक्टूबर माह से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। शहर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने के लिए स्पेशल परपज व्हीकल कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी के मेरठ मंडल के मंडलायुक्त अध्यक्ष होंगे। कमेटी में सात निदेशक होंगे। जिनमें जिलाधिकारी,एसपी,आरटीओ,आरएम भी सदस्य होते हैं। यह रिपोर्ट परिवहन निदेशालय लखनऊ भेज दी गई है। कमेटी का गठन होने के बाद बसों का किराया और रूट एवं चालक-परिचालक की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर बसों का संचालन शुरू होगा। 50 इलेक्ट्रिक बसों का शुरूआत में शहर में 6 रूटों पर संचालन किया जाएगा। इनमें कौशांबी से एएलटी सेंटर, दिलशाद गार्डन से गोविंदपुरम,दिलशाद गार्डन से लालकुआं, गोविंदपुरम से लालकुआं, प्रताप विहार, नोएडा सेक्टर-62 इलेक्ट्रिक सिटी होते हुए नोएडा सिटी सेंटर,टीला मोड़ और भोपुरा से नया बस अड्डा तक संचालन किया जाएगा। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह का कहना है कि जल निगम की सीएडंडीएस शाखा द्वारा अकबरपुर-बहरामपुर में निगम की जमीन पर बसों के चार्जिंग स्टेशन,मेंटनेंस डिपो,बस शेल्टर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। जल निगम द्वारा नगर निगम को यह हैंडओवर किए जाएंगे। इसके बाद इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने के लिए कमेटी में निर्णय लिया जाएगा। उम्मीद है कि अक्टूबर माह में शहर में इलेक्ट्रिक बसों का विधिवत रूप से निर्धारित रूटों पर संचालन शुरू हो जाएगा।















