टॉय ट्रेन के प्रोजेक्ट को शुरू से पहले कमाई का साधन ढूंढने में जुटा प्राधिकरण

गाजियाबाद। सिटी फॉरेस्ट में प्रस्तावित टॉय ट्रेन के प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले उसमें कमाई का सांधन ढूंढा जा रहा है। जिसके लिए प्राधिकारण ने एक टीम का गठन किया है। जो टीम टॉय ट्रेन से होने वाली कमाई की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। ताकि यह रिपोर्ट शासन को भेजी जा सके। क्योंकि इस रिपोर्ट के आधार पर ही टॉय ट्रेन की संशोधित डीपीआर तैयार कराई जाएगी।
रेल मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश में चार टॉय ट्रेन चलाने को मंजूरी दी थी। इसमें गाजियाबाद भी शामिल है। पिछले दिनों लखनऊ में प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रोजेक्ट से होने वाली कमाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद अब जीडीए ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। प्राधिकरण की टीम यह देख रही है कि इस प्रोजेक्ट पर होने वाली खर्च की तुलना में कमाई कितनी होगी। इसके लिए सिटी फॉरेस्ट में आने वाले लोगों की संख्य से लेकर इस ट्रेन का लुफ्त उठाने वालों तक की गणना की जा रही है। क्योंकि सूत्र बताते हैं कि इस ट्रेन का किराया प्रति व्यक्ति 50 से 100 रुपये के बीच हो सकता है। इसमें 12 साल से अधिक उम्र वालों के लिए 100 रुपये और इससे कम आयु के बच्चों के लिए 50 रुपये किराया रखा जा सकता है। बता दें कि सिटी फॉरेस्ट में 5 कोच वाली टॉय ट्रेन चलाने की योजना है। हालांकि इसके रखरखाव का खर्चा केंद्र सरकार करेगी। वहीं, संशोधित डीपीआर तैयार होने के बाद ही इसका ट्रैक कैसे होगा, कितने प्लैटफॉर्म बनेंगे, रूट की लंबाई कितनी होगी, टिकट का क्या इंतजाम होगा और किराया लिया जाएगा आदि तय किया जा सकेगा। जिसपर 15 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। जीडीए के सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि शासन के निर्देश पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।