गाजियाबाद। कोरोना वायरस को लेकर जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। यहां तक की इसका असर बायोमीट्रिक अटेंडेंस पर दिखने लगा है। एहतियातन जीडीए ने बायोमेट्रिक हाजिरी लेने पर रोक लगा दी है। कार्यालय में मैनुअल हाजिरी लगाई जा रही है। इसके अलावा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने नीलामी प्रक्रिया पर भी अस्थाई रोक लगा दी है। वहीं, प्राधिकरण में भी कोविड 19 के मानकों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। प्राधिकरण परिसर में थूकने पर पूरी तरह से मनाही है। साथ ही पत्रावलियों के पन्ने पलटने के लिए थूक का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है। पन्नों को पलटने के लिए कर्मचारियों को पानी का प्रयोग करना होगा। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश का कहना है कि कोरोना महामारी को देखते हुए नीलामी प्रक्रिया को स्थिति सामान्य होने तक स्थगित रखा जाएगा। साथ ही कोविड मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। गत वर्ष फैली कोरोना महामारी के चलते ही प्राधिकरण अपनी नीलामी प्रक्रिया के जरिये संपत्तियां बेच रहा है। इस में विभिन्न योजनाओं में रिक्त पड़े भूखंड व फ्लैट बेचे गए हैं। प्राधिकरण का दावा है कि उसने पिछले एक साल में काफी संपत्ति की बिक्री की है। लेकिन अब जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में प्राधिकरण ने भी कोरोना संक्रमण का खतरा देखते हुए अपनी नीलामी प्रक्रिया पर अस्थाई रोक लगा दी है। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि हफ्ते के प्रत्येक शुक्रवार को हिंदी भवन में होने वाली नीलामी प्रक्रिया कोरोना की दूसरी लहर खत्म होने तक आयोजित नहीं की जाएगी। बदा दें कि इस नीलामी प्रक्रिया के जरिये प्राधिकरण ने आवासीय, व्यवसायिक और औद्योगिक भूखंड व विभिन्न योजनाओं में रिक्त फ्लैट की बिक्री की है।
















