गरीबों और असहायों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म: शालू पांडे

 

एक नई राह पगडंडियां फाउंडेशन ने हजारों जरूरतमंद लोगों को कम्बल, रजाई एवं गर्म वस्त्र का किया वितरण

गाजियाबाद। गरीबों और असहायों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। इंसानियत के नाते हर किसी को समाज के निचले तबके की मदद के लिए तत्पर रहना चाहिए। सर्दी के मौसम में गरीबों को कंबल एवं कपड़ा मिलने से उन्हें काफी हद तक ठंड की विभीषिका से बचाया जा सकता है। यह बातें शुक्रवार को एक नई राह पगडंडियां फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष शालू पांडे ने कड़ाके की सर्दी में विजयनगर झुग्गी, गौशाला फाटक, हापुर चुंगी, शास्त्री नगर, बापूधाम एवं राजनगर एक्सटेंशन की झुग्गियों में जरूरतमंद लोगों को कम्बल बांटते हुए कहीं।

उन्होने कहा समय-समय पर गरीबों की मदद के लिए ऐसे आयोजनों का होना अतिआवश्यक है। 13 एवं 14 जनवरी लोहड़ी एवं मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में घर से निकलकर हजारों जरूरतमंद लोगों को कम्बल, रजाई एवं गर्म वस्त्र का वितरण किया गया। डायरेक्टर अरुण कुमार पांडे ने कहा कि नर सेवा ही नरायण सेवा होती है। गरीबों की सेवा करने से हमेशा व्यक्ति को सफलता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। वर्तमान परिवेश में समाज के बड़े लोगों को निर्धनों, असहायों की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। गरीबों की सेवा करने से व्यक्ति का आत्मिक सुख मिलता है और भविष्य में गरीबों की दुआएं सफलता के द्वार खोलने में काफी अहम होती है। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष स्वाति श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव प्रतिमा पुरकाईस्ट, जिला संयोजक अविनाश शर्मा, मेहरा आंटी, ललिता मिश्रा, दीप्ति रस्तोगी, हिमांशु रस्तोगी, रीवा चावला, रिचा चतुर्वेदी, प्रतिमा पुरकायस्था, किरण श्रीवास्तव, तुषार शर्मा, नंदिता ने संयुक्त रूप से कम्बल वितरण कार्यक्रम में अपना योगदान दिया।