कम कीमत पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए वाहनों का हुआ एग्रीमेंट, सीएनजी वाहनों के उपयोग से प्रदूषण से निपटने में मिलेगी मदद
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ-साथ प्रदूषण मुक्त रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रदूषण मुक्त गाजियाबाद बनाने की दिशा में गाजियाबाद नगर निगम हर उन छोटी से छोटी बातों पर ध्यान दे रहा है जिससे कि प्रदूषण स्तर में कमी आए। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए सीएनजी वाहनों के उपयोग पर जोर देते हुए किराये पर वाहनों का अनुबंध किया है। नगर निगम ने 200 सीएनजी वाहनों को किराये पर लिया है, जिनसे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाएगा। शहर की तंग गलियों में भी प्रतिदिन कूड़े की गाड़ियां पहुंच सकें, इसके लिए ई-रिक्शा को भी कूड़ा कलेक्शन के काम में लगाया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नगर निगम ने कूड़ा कलेक्शन के लिए किराये पर जो वाहन लिए हैं, उसके लिए कोई मेंटेनेंस शुल्क नहीं दिया जाएगा और किराया भी पुराने वाहनों से कम होगा। नगरायुक्त के इस कदम से शहर की सफाई व्यवस्था दुरूस्त होगी और नगर निगम के वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। यही नहीं वाहनों का किराया कम होने और मेंटेनेंस शुल्क खत्म किये जाने से नगर निगम के करोड़ों रुपये बचेंगे।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 को ध्यान में रखकर शहर को स्वच्छ एवं खूबसूरत बनाने के लिए नगर निगम ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में कूड़ा उठाने के लिए 200 वाहनों को किराए पर लेने के लिए कंपनी को वर्क आॅर्डर जारी किया गया है। इसी माह से किराए पर लिए गए यह वाहन कविनगर और वसुंंधरा जोन में कूड़ा लिफ्टिंग का काम शुरू कर देंगे। इसके बाद सिटी, मोहन नगर और विजय नगर जोन में भी जरूरत के अनुसार वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। नगर निगम द्वारा किराये पर लिये जाने वाले सभी वाहन इलेक्ट्रिक व्हीकल होंगे और इन वाहनों से शहर में प्रदूषण नहीं होगा।
पिछले दिनों नगर निगम की बोर्ड बैठक में शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए वाहनों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया गया था। स्वच्छता सर्वेक्षण में गाजियाबाद की स्थिति बेहतर हो इसके लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। बोर्ड बैठक में पार्षदों का जोर था कि सभी वार्ड में कम से कम दो वाहन जरूर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के काम में लगाये जाएं। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में सेग्रीगेशन एट सोर्स पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मेंटेनेंस शुल्क बचाएगा करोड़ों रुपये
नगर निगम द्वारा पूर्व में जिन गाड़ियों को कूड़ा कलेक्शन के लिए किराये पर लिया गया था, उन गाड़ियों का मेंटेनेंस शुल्क भी नगर निगम वहन करता था। एक गाड़ी के मेंटेनेंस पर एक वर्ष में लगभग 1 लाख रुपये खर्च होते थे। लेकिन नगर निगम अब जिन गाड़ियों को किराये पर ले रहा है, उसमें कोई मेंटेनेंस शुल्क नहीं दिया जाएगा। नगर निगम ने 200 गाड़ियां किराये पर ली हैं। ऐसे में इन गाड़ियों का मेंटेनेंस शुल्क ही 2 करोड़ रुपये होता है, जो नगर निगम को नहीं देना होगा। यही नहीं पूर्व में जो वाहन किराये पर लिये गये थे उसके लिए प्रति वाहन प्रतिमाह 42,500 रुपये दिये जाते थे। लेकिन नये वाहन 41,500 रुपये प्रतिमाह की दर से किराये पर लिए गए हैं। इस तरह वाहनों के किराये में भी लगभग 25 लाख रुपये का लाभ नगर निगम को पहुंचेगा।
मोबाइल पर मिलेगी जानकारी, ड्राइवरों का होगा ड्रेस कोड
कूड़ा कलेक्शन के काम में लगने वाली गाड़ियों की लोकेशन मोबाइल पर भी मिलेगी। नागरिक घर बैठे यह जान सकेंगे कि उनके क्षेत्र में कूड़ा कलेक्शन की गाड़ी कब आएगी। मोबाइल पर कूड़ा कलेक्शन गाड़ी की लोकेशन आसानी से मिलती रहेगी। ऐसे में नागरिक अपने जरूरी घरेलू कार्य भी आसानी से निपटाते रहेंगे। कूड़ा गाड़ी घर के पास आने पर वह घरेलू कूड़ा-करकट डाल पाएंगे। इससे वाहन चालकों की लापरवाही पर भी पूर्णत: अंकुश लगेगा। इसके अलावा सभी गाड़ियों के ड्राइवरों का अलग ड्रेस कोड होगा। ड्राइवरों को वदी दी जाएगी, जिससे कूड़ा कलेक्शन के काम में जुटे कर्मचारी की पहचान अलग से हो सकेगी।
कंट्रोल रूम से होगी मॉनिटरिंग
कंपनी बाग घंटाघर स्थित लाइब्रेरी कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इन सभी गाड़ियों की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। कंट्रोल रूम में नियमित रूप से कर्मचारियों की डयूटी रहेगी। यह कर्मचारी कूड़ा कलेक्शन के कार्य पर निरंतर नजर रखेंगे। कंट्रोल रूम द्वारा प्रतिदिन की रिपोर्ट बनाकर संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की जाएगी। कंट्रोल रूम से कूड़ा कलेक्शन कार्य की मॉनिटरिंग होने से भी वाहन चालक किसी प्रकार की लापरवाही बरतने से परहेज करेंगे। आमतौर पर वाहन चालकों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहते हैं। समय से कूड़ा न उठने पर नागरिक भी शिकायत करते हैं। आने वाले समय में यह सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी।
कूड़ा लिफ्टिंग के लिए किराए पर लिए जाएंगे वाहन
शहर की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सीएनजी वाहनों के उपयोग से प्रदूषण से निपटने में भी मदद मिलेगी। ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिससे लोग अपने घर में मोबाइल पर देख सकेंगे कि अभी कूड़े की गाड़ी कहां पहुंची है और कितनी देर में उनके घर पर पहुंचेगी। किराये पर जो वाहन लिए गये हैं, उन वाहनों का नगर निगम द्वारा कोई मेंटेनेंस शुल्क नहीं दिया जाएगा।
महेंद्र सिंह तंवर
नगरायुक्त
गाजियाबाद नगर निगम
















