-अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान चलाकर निगम ने की 1 लाख 30 हजार की वसूली
गाजियाबाद। शहर में होने वाले जलभराव से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। जोनवार छोटे बड़े नालों एवं नालियों को अभियान के तहत साफ कराया जा रहा है। ताकि बारिश में नालों में कचरा जमा होने से पानी जमा न हो और लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। पिछली बरसात में आई आपदा से सबक लेते हुए नगर निगम ने आगामी बरसात से निपटने की तैयारियां पहले ही शुरु कर दी है। निगम द्वारा जहां नालों की सफाई वृद्ध स्तर पर की जा रही है। वहीं नगर आयुक्त द्वारा अवैध रूप से डेरियों के गोबर बहाने पर अंकुश लगाने के लिए विभाग को आदेश दिए है। शहर में संचालित अवैध डेयरियां बड़े पैमाने पर नाले-नालियों में गोबर बहा रही हैं। नाले-नालियां चोक हो रहे हैं।
जिसके लिए नगर जोन के अंतर्गत, पसौंडा क्षेत्र में मंगलवार को अभियान चलाकर 95000 की वसूली की गई। खुले में गोबर न बहाए जाए, जिसके लिए नोटिस भी जारी किया गया है। इसी प्रकार वसुंधरा जोन के अंतर्गत 35000 की वसूली के साथ सेक्टर-1 वसुंधरा में अवैध रूप से चल रही डेयरी को हटाने के लिए अंतिम चेतावनी भी दी गई। अभियान के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ आशीष त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया नगर आयुक्त के निर्देशानुसार अवैध डेयरियां पर कार्रवाई की जा रही है। नालों में बहाए जा रहे गोबर पर कड़ी कार्यवाही लगातार की जा रही है।
जिसमें जलकल विभाग को अवैध डेयरी संचालकों के सबमर्सिबल को भी नियम अनुसार बंद करने के लिए पत्र लिखा गया है। साथ ही डेयरी संचालकों को चेतावनी भी दी जा रही है कि नालों में गोबर को न बहाए, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। जनप्रतिनिधियों के विशेष सहयोग से शहर में मानसून से पहले कई व्यवस्थाएं होती दिखाई दे रही हैं। नालों की तली झाड़ सफाई भी चल रही है। नगर आयुक्त द्वारा स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों को भी समन्वय स्थापित करते हुए बेहतर कार्य करने के लिए निर्देश दिए गए।
















