गाजियाबाद। न्याय के देवता भगवान परशुराम का जन्मदिन शुक्रवार को सादगी के साथ मनाया गया। ब्राह्मण समाज महासंघ से जुड़े लोगों ने घरों में रहकर भगवान परशुराम की पूजा की और शाम के समय दीये जलाकर उनका ध्यान किया। गगन एंकलेव आरडब्लूए अध्यक्ष रघुनंदन भारद्वाज ने सोसायटी में बडे ही सादगी से भगवान परशुराम की जंयती मनाई। इस दौरान हवन का आयोजन किया गया। हवन में कोरोना संक्रमण से काल का ग्रास बने लोगों की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ में 101 आहूति दी। उन्होने कहा भगवान परशुराम ने समाज को एक नई दिशा दी थी और लोगों को एकता के सूत्र में पिरोया था। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए उनके आदर्शों को जीवन में ग्रहण करना चाहिए। वहीं अ. भा. परशुराम सेवा दल ने सूक्ष्म यज्ञ कर भगवान परशुराम जयंती 31000 आहुतियां देकर कोरोना संक्रमण से काल का ग्रास बने लोगों की आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना की। अ. भा. परशुराम सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं विनोद मिश्रा ने बताया कि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते हुए भगवान परशुराम जयन्ती सार्वजनिक रूप से न मनाकर घरों में ही मनाई जा रही है। पूरे देश में कोरोना संक्रमण फैला हुआ है, इसकी चपेट में जहां आम आदमी आ रहे हैं। वहीं हमारे जीवन की रक्षा करने वाले डॉक्टर्स, नर्सें, पुलिस कर्मचारी एवं सफाई कर्मचारी आदि की बड़ी संख्या में जाने जा चुकी हैं। उन सभी की आत्मा की शान्ति के लिए आहुति दी। पूर्व सचिव बार एसोसिएशन एडवोकेट विजय गौड ने कहा भगवान परशुराम ने न केवल भाला उठाकर मानवीय हित में संघर्ष किया बल्कि सामाजिक समरसता का संदेश मानव जाति को दिया। इस दौरान पं प्रमोद कौशिक राष्ट्रीय संगठन सचिव, नरेन्द्र शर्मा पूर्व सभासद, बॉबी पंडित जिलाध्यक्ष, जगदीश शर्मा मोरटा, जयप्रकाश खिमावती, देवदत्त शर्मा नगराध्यक्ष, महेन्द्र शर्मा ऐडवोकेट, ओमकार दत्त शर्मा, प्रेम चन्द शास्त्री मोहनपुर, यशोदा मिश्रा, मीनम मिश्रा, आकाश शर्मा, गौरव मिश्रा, राजू शर्मा आदि ने भी आहुति दी।
















