आश्रय स्थलों में गौवंश की सुरक्षा पर ध्यान दे गोवंश संरक्षण समिति: देवेंद्र पाल सिंह

-एसडीएम ने गौवंश की स्थिति पर की मंत्रणा

गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अहम योजना गोवंश का संरक्षण को लेकर अब जिले में आश्रय स्थलों में गोवंश को सुरक्षित रखे जाने को लेकर जिला प्रशासन ने रखरखाव को लेकर कवायद तेज कर दी है। मंगलवार को जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर एसडीएम सदर देवेंद्र पाल सिंह ने तहसील कार्यालय में गोवंश संरक्षण समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। एसडीएम सदर देवेंद्र पाल सिंह ने तहसीलदार विजय प्रकाश मिश्र, नायब तहसीलदार प्रतीत सिंह,उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील दत्त प्रजापति,पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार, डॉ. रविशंकर,खोड़ा-मकन पुर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार भड़ाना एवं डासना नगर पंचायत के पशु चिकित्साधिकारी के साथ बैठक की। एसडीएम देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि बैठक में पाया गया कि डासना गोवंश आश्रय स्थल में 67 गोवंश एवं निडौरी आश्रय स्थल में 14 गोवंश हैं। एसडीएम ने नायब तहसील दार को निर्देश दिए कि तीन दिन में दोनों आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर वहां की आख्या रिपोर्ट दें। वहीं,ग्राम अटौर नंगला, मथुरापुर, मकरेड़ा के आसपास कोई भी गोवंश आश्रय स्थल नहीं हैं। ऐसे में वहां पर एक निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल बनाने की संभावना पर विचार किया गया। खोड़ा नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी केके भड़ाना ने अवगत कराया कि खोड़ा क्षेत्र में आवारा सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गोवंश के लिए सेक्टर-62 गौतम बुद्धनगर स्थित गौशाला में पशुओं को भेजा जाता है। डासना के पशु चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया कि गोवंश आश्रय स्थलों के गोवंश का नियमित रूप से परीक्षण एवं आवश्यकतानुसार उपचार किया जा रहा हैं। डासना गोवंश आश्रय स्थल से तीन माह पहले 8 गोवंश को किसानों की सुपुर्दगी में दिए गए थे। एसडीएम ने डासना के पशु चिकित्साधिकारी को इन गोवंश का निरीक्षण कर जल्द इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।