-मृतकों का शव आने का सिलसिला जारी, कतार में रखे 42 शव
-हिण्डन श्मशान घाट का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण
गाजियाबाद। कोरोना के बढ़ते मामलों ने अब श्मशान पर भी लोगों का इंतजार बढ़ा दिया है। एक ओर जहां मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहा, वहीं अंतिम संस्कार के लिए भी लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। लोगों को शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए हिंडन मोक्ष स्थली पर इंतजार करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार के इंतजार में हिंडन मोक्ष स्थली पर शुक्रवार को कतार में 42 शव रखे गए थे। शवों का अंतिम संस्कार करना भी लोगों के लिए मुसीबत बन गया हैं। एक ओर जहां मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे है, वहीं अंतिम संस्कार के लिए भी लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। हिंडन मोक्ष स्थली का शुक्रवार को ऐसा ही हाल रहा। सुबह से ही हिंडन मोक्षस्थली पर शवों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। 14 एंबुलेंस इन शवों को लेकर मोक्ष स्थली पर पहुंची। किसी का शव एंबुलेंस में तो किसी का कार में तो कई लोगों के शव सड़क पर ही रखें हैं और ये सब अपनी बारी का इंतजार करते रहे। शुक्रवार को हिंडन मोक्ष स्थली पर 42 शवों के पहुंच जाने के बाद नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मिथलेश कुमार, एजुकेटिव इंजीनियर देशराज सिंह एवं नगर निगम के अन्य अधिकारियों के साथ शमशान घाट का जायजा लेने पहुंचे। श्मशान घाट की व्यवस्था में जो कमियांं मिली उसे तत्काल दूर कराया और निगम अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया। विद्युत शवदाह गृह में कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। लेकिन संख्या बढ़नेे प्लेटफार्म पर शवों का अंतिम संस्कार किया गया। नगर आयुक्त ने हिंडन मोक्ष स्थली स्थित विद्युत शवदागृह का भी निरीक्षण किया। यहां पर सीरियल से जो शव दाह संस्कार के लिए आ रहे हैं, उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि गुरुवार को भी यहां अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे शवों की संख्या इतनी बढ़ गई कि 2 से 3 घंटे तक वेटिंग करनी पड़ी। कुछ शवों को दूसरे श्मशान घाट पर भेजना पड़ा। लोगों ने इसका विरोध किया और हंगामा भी किया। हालांकि प्रबंधन ने विद्युत शवदाह गृह के पास बने प्लेटफॉर्म पर अंतिम संस्कार कराकर लोगों को शांत किया। शुक्रवार को दोपहर तीन बजे तक सभी प्लेटफार्म फुल होने के बाद मोक्ष स्थली प्रबंधन ने टोकन बांटने बंद कर कार्यालय पर भी ताला डाल दिया। हिंडन मोक्ष स्थली पर पिछले 10 दिन से शवों के अंतिम संस्कारों की संख्या बढ़ी हैं। गुरुवार को एक दिन में 35 शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे। वहीं, शुक्रवार को 42 शव एंबुलेंस व कारों से यहां पहुंचे। इसकी वजह से प्लेटफॉर्म फुल हो गए। शवों के अंतिम संस्कार के लिए वेटिंग होने के चलते सड़क किनारे ही फुटपाथ पर शवों को रखा गया। कोरोना के कोहराम के बीच कोरोना संक्रमण और सामान्य मौतों से हिंडन श्मशान घाट भी फुल हो गया। यहां आने वाले लोगों को अपने परिजनों के शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो गए कि शुक्रवार को अंतिम संस्कार के लिए यहां लगाए गए शव अपनी बारी के इंतजार में सड़क किनारे फुटपाथ पर रखने पड़े। इसके साथ ही 14 एंबुलेंस कोविड संक्रमित मरीजों के शवों को लेकर श्मशान घाट के बाहर खड़ी रहीं। तीन बजे के बाद अंतिम संस्कार के लिए मना कर दिया गया। वहीं, क्षमता से अधिक शवों के आ जाने से श्मशान घाट प्रबंधन भी परेशान है। यहां पर मृतकों के परिजनों को नंबर देकर शेड के लिए इंतजार कराने को कहा जा रहा है।
















