डीएम के इलाज में कौशांबी के डॉक्टरों ने निभाई अहम भूमिका
गाजियाबाद। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय 24 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए थे। वह पहले घर पर इलाज ले रहे थे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुज अग्रवाल ने बताया कि 30 अप्रैल को उन्हें बुखार, सांस लेने में तकलीफ, गला खराब होने की वजह से चिकित्सकों की सलाह पर यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी में भर्ती कराया गया। जिलाधिकारी की स्वास्थ्य देखभाल में लगे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.के. गुप्ता ने यशोदा हॉस्पिटल के प्रबंधन से संपर्क साध कर पांडेय के भर्ती होने एवं आईसीयू की व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए, जिसे हॉस्पिटल ने तत्परता दिखाकर तुरंत व्यवस्था कर दी। तत्पश्चात जिलाधिकारी के स्वास्थ्य का यशोदा हॉस्पिटल कौशाम्बी के डॉक्टरों ने निरीक्षण कर पाया कि उन्हें आईसीयू की आवश्यकता नहीं है। जिलाधिकारी ने तत्काल आईसीयू बेड किसी और जरूरतमंद को देने के लिए कहा और स्वयं के लिए सिंगल रूम भी मना कर दिया और सेमी प्राइवेट रूम में एक अन्य कोविड पॉजिटिव मरीज के साथ रूम साझा किया। पांडेय का इलाज यशोदा हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी विभाग की वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने किया और उन्हें 6 मई 2021 को यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से कोविड नेगेटिव होने के साथ ही छुट्टी दे दी गई। ख़ास बात यह रही कि जिलाधिकारी पांडेय इस दौरान भी अपने कार्यालयीन कार्यों को फोन, वीडियो कॉलिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से बखूबी निभाते रहे। यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने अब तक 10000 से ज्यादा कोविड मरीजों का इलाज किया है। इन मरीजों में से 4000 से ज्यादा गाजियाबाद के मरीज थे। साथ ही आस-पास के राज्यों दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश एवं देश के सुदूर प्रदेशों के कोविड पॉजिटिव मरीजों का भी हॉस्पिटल में इलाज किया गया। यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में देश के कई गणमान्य लोगों का भी इलाज किया गया, जिनमे से पूर्व राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, सीबीडीटी के चेयरमैन पी.सी. मोदी, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पी एल पुनिया, उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग, क्रिकेटर सुरेश रैना का भाई दिनेश रैना आदि भी शामिल हैं। जिलाधिकारी के इलाज में यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी गाजियाबाद के डायरेक्टर स्ट्रेटेजी एवं कोविड केयर मैनेजमेंट विश्व प्रसिद्ध क्रिटिकल केयर, फेफड़ा एवं श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ. आर के मणि ने इलाज में मार्गदर्शन हेतु प्रमुख भूमिका निभाई। उन्होंने देश के बड़े हॉस्पिटल्स में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं और 40 वर्षों से मरीजों के उपचार में जी जान से जुटे हैं। वहीं, यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी के क्रिटिकल केयर एवं पल्मोनोलॉजी विभाग के डॉ. के के पांडे, डॉ. अर्जुन खन्ना एवं डॉ. अंकित सिन्हा ने पांडेय की बीमारी का सक्रिय प्रबंधन एवं इलाज कर उन्हें ठीक किया।
















