गाजियाबाद। विद्युत मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश, विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को समस्त कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों द्वारा प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था को सरकार द्वारा निजीकरण करने का विरोध करते हुए विद्युत संशोधन बिल अधिनियम 2020 को वापस लिए जाने एवं टीजी-2 एवं कार्यकारी सहायक कर्मचारियों के वेतन विसंगति, ग्रेड पे और संविदा कर्मियों की समस्याओं का ज्ञापन मुख्य अभियंता (वितरण) क्षेत्र गाजियाबाद जिला गाजियाबाद को सौंपा गया। विद्युत संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश जिलाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह राणा ने बताया सरकार द्वारा विद्युत विभाग की निजीकरण की मंशा को हम अपनी संघर्ष एवं एकता के बल विफल करेंगे। 
सरकारी उपक्रम को कॉरपोरेट घरानों को बेचना देश के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। निजीकरण की नीतियों, बिजली निगमों का एकीकरण कराने व पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति यूपी के आह्वïान पर राजनगर मुख्यालय पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने एक दिन का कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। 
हालांकि, इस प्रदर्शन से उत्पादन पारेषण और सिस्टम ऑपरेशन पाली में कार्य करने वाले बिजली कर्मियों को अलग रखा गया ताकि बिजली सप्लाई पर असर न पड़े। उन्होने बताया निजीकरण का प्रयोग उड़ीसा, ग्रेटर नोएडा और आगरा में पूरी तरह से विफल हो चुका है और फिर भी केंद्र सरकार ने बिजली के निजीकरण के लिए इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 एवं स्टेंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट जारी किया है जिससे बिजली कर्मियों में भारी आक्रोश है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में निजीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रदर्शन के दौरान बिजली कर्मियों ने अमेंडमेंट बिल 2020 को वापस लेने, स्टेंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट वापस लेने, निजीकरण को निरस्त करने, ग्रेटर नोएडा व आगरा फ्रेंचाइजी का करार समाप्त करने और सभी ऊर्जा निगमों को एकीकृत कर उत्पादन पारेषण व वितरण को एक साथ रखते हुए यूपीएसईबी लिमिटेड का गठन करना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, नियमित पदों पर नियमित भर्ती करने, रिक्त पदों पर भर्ती करने व सभी संवर्ग की वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की है। इस दौरान आशीष कुमार कोषाध्यक्ष, फईम उल्वारी क्षेत्रीय अध्यक्ष, गोविंद ओझा, राजू सिंह, देवेंद्र, सलीम, आनंद पाल सिंह, मनोज, राहुल, अनिल चौरसिया, हिर्देश गोस्वामी, उमाकांत शर्मा, भुवनेश शर्मा, उमेश, दिलनवाज, अरविंद सूर्या, योगेंद्र लाखा, रामनारायण, केके सोलंकी, शेर सिंह त्यागी, ओपी तेवतिया, राजसिंह, धीरज, विजय व जयभगवान आदि धरने में शामिल रहे।















