-किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा अवैध निर्माण, जारी रहेगी कार्रवाई: कनिका कौशिक
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) सीमा क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अनाधिकृत कॉलोनियों पर प्राधिकरण का बुलडोजर खूब चल रहा है। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स की सख्ती का असर अधिकारियों पर इस कदर है कि हर दिन कहीं न कहीं जीडीए सीमा क्षेत्र में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जा रही है। जीडीए की कार्रवाई को देखकर कुछ कॉलोनाइजरों ने अपना काम बंद कर दिया है, या जीडीए से नक्शा स्वीकृत कराने के बाद ही निर्माण कर रहे है। जीडीए की बगैर मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध रूप से काटी जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार को जीडीए प्रवर्तन जोन-2 की प्रभारी एवं ओएसडी कनिका कौशिक ने सहायक अभियंता योगेश पटेल, अवर अभियंता योगेंद्र कुमार वर्मा, सुनील कुमार महेंद्र कुमार एवं जीडीए पुलिस एवं मोदीनगर थाना पुलिस की मौजूदगी में मोदीनगर क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान मोदीनगर क्षेत्र के गांव बखरवा के खसरा संख्या-253, 271, 272 पर संजय सहरावत, आश्रेय जयंत आदि द्वारा लगभग 25 बीघा क्षेत्रफल में अवैध कॉलोनी काटी जा रही है। जीडीए ओएसडी ने खुद मौके पर टीम के साथ अवैध कॉलोनी की सड़क, निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करने की कार्रवाई कराई।
इस दौरान कॉलोनाइजर व निर्माण करने वालों ने जमकर विरोध किया। मगर पुलिस बल ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया। अवैध कालोनी में बिजली लाइन को हटाने के लिए भी मोदीनगर के विद्युत विभाग के सब डिवीजन ऑफिसर को मौके पर बुलाकर बिजली लाइन हटाने के लिए अवगत कराया गया। विद्युत विभाग, मोदीनगर को अवैध निर्माण स्थल पर बुलाकर विद्युत लाईन हटाये जाने के लिए अवगत कराया गया। ओएसडी ने कहा कि बगैर मानचित्र स्वीकृति के कोई निर्माण कार्य न किया जाए। उन्होंने के सहायक अभियंता, अवर अभियंता तथा सुपरवाइजर को भी निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित कर लें कि अवैध निर्माण पर सतत निगरानी रखते हुए दोबारा से अवैध निर्माण कार्य शुरू न होने पाए।
जीडीए द्वारा अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। निर्माण करने वाले एवं कॉलोनाइजर द्वारा जीडीए सीमा क्षेत्र में भूमि का विधिवत मानचित्र स्वीकृत के अनुसार ही निर्माण किया जाए। इसके साथ ही किसी भी वादग्रस्त एवं विवादित निर्माण में संपत्ति का क्रय-विक्रय न करें। उन्होंने कॉलोनाइजरों को चेतावनी दी कि अवैध निर्माण करवा रहे हैं, वे तुरंत निर्माण कार्य बंद करवा दें अन्यथा जीडीए की कार्रवाई के बाद तोडफ़ोड़ में आए खर्चा भी हर्जाने के रूप में वसूला जाएगा।
















