साइट ऑफिस, बाउंड्रीवाल और इंटरलॉकिंग सड़क ध्वस्त, उपाध्यक्ष अतुल वत्स के आदेश पर की गई कड़ी कार्रवाई
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने बुधवार को बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम दुहाई और मोदीनगर की सीकरी खुर्द में फैली करीब 23 बीघा क्षेत्रफल की तीन अवैध कॉलोनियों को जमींदोज़ कर दिया। कार्रवाई के दौरान इन कॉलोनियों में बने साइट ऑफिस, इंटरलॉकिंग टाइल्स से बनी सड़कें और भूखंडों की बाउंड्रीवाल को बुलडोज़र चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। जीडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जनपद में किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसी क्रम में प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने ओएसडी राजीव रतन सिंह के नेतृत्व में यह बड़ी कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता विनय कुमार, अवर अभियंता योगेश वर्मा, राजन सिंह समेत प्रवर्तन दस्ते और प्राधिकरण पुलिस बल की पूरी टीम मौके पर मौजूद रही। ओएसडी राजीव रतन सिंह ने बताया कि ग्राम दुहाई में चित्रेश और यतेन्द्र पुत्रगण राजेन्द्र ने खसरा संख्या-176 पर 9,000 वर्गमीटर भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की। ग्राम दुहाई में ही विजय चौधरी पुत्र राज सिंह ने खसरा संख्या-105 पर 4,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अवैध कॉलोनी काटी। वहीं मोदीनगर क्षेत्र के ग्राम सीकरी खुर्द में विक्रम सिंह पुत्र स्व. जगमोहन सिंह, विपिन कुमार और संजीव कुमार ने खसरा संख्या-835 पर 10,000 वर्गमीटर में अवैध कॉलोनी विकसित की थी। इन सभी स्थलों पर अवैध प्लॉटिंग के लिए इंटरलॉकिंग टाइल्स, सड़कें और बाउंड्रीवाल पहले से तैयार की गई थीं, जिन्हें बुलडोजर से तोड़ गिराया गया। ध्वस्तीकरण के दौरान अवैध निर्माणकर्ताओं ने जमकर विरोध किया और माहौल को बिगाडऩे की कोशिश की, लेकिन जीडीए प्रवर्तन टीम और पुलिस बल की सख्त मौजूदगी के आगे उनकी एक न चली।
विरोध को नियंत्रित करते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जीडीए प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी ने मौके पर साफ कहा कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी कि यदि कोई अनधिकृत कॉलोनी विकसित करता है तो उस पर तत्काल ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। जीडीए ने स्पष्ट किया कि यह अभियान यहीं खत्म नहीं होगा। अगले माह भी बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्यवाही जारी रखी जाएगी। जीडीए प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माणों को खत्म कर शहर को व्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में आगे ले जाना ही उनका लक्ष्य है।
















