गाजियाबाद। मोहन नगर स्थित इस समारोह में लगभग 200 से अधिक पुरातन छात्र तथा उनके परिवार के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारम्भ आईटीएस मोहन नगर परिसर के आईटी तथा स्नातक विभाग के निदेशक डॉ सुनील कुमार पांडेय, एमसीए कार्यक्रम की संयोजिका प्रो पूजा धर, एलुमनाई कोऑर्डिनेटर प्रो सौरभ सक्सेना एवं प्रो स्मिता कंसल तथा वरिष्ठ पुरातन छात्रों के द्वारा मॉ वीणा वादिनी के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने सम्बोधन में आईटीएस समूह के चेयरमैन डॉ आरपी चड्ढा तथा वाईस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने हर्ष व्यक्त किया तथा सभी पुरातन छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के आरम्भ में आईटीएस मोहन नगर के एमसीए विभाग के एलुमनाई कोऑर्डिनेटर प्रो$फ सौरभ सक्सेना ने कार्यक्रम के उद्देश्य तथा रूपरेखा पर प्रकाश डाला। अपने स्वागत सम्बोधन में आईटीएस मोहन नगर के आईटी तथा स्नातक परिसर के निदेशक डॉ सुनील कुमार पांडेय ने प्रेरणादायक शब्दों से सभी को प्रोत्साहित किया। उन्होंने उपस्थित पुरातन छात्रों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्था एव सभी शिक्षको के लिए पुरातन छात्रों की वैश्विक स्तर पर शीर्ष एवं प्रतिष्ठान मैं उपस्थिती एवं योगदान गर्व का अनुभव कराती है। अपने संबोधन में आईटीएस मोहन नगर के एमसीए विभाग की संयोजिका प्रोफ़्0 पूजा धर ने कहा कि इस समारोह का उद्देश्य सिर्फ पुरानी यादों को ताज़ा करना ही नहीं है, बल्कि नए विचारों और अनुभवों को साझा करना भी है।
हमें उम्मीद है कि इस मिलन से हम सब एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखेंगे और आगे के रास्ते में एक-दूसरे की मदद करेंगे। कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल थीं, जिसमे कपल गेम, अंताक्षरी, म्यूजिकल चेयर, तम्बोला आदि का आयोजन किया गया। जिन्होंने सभी उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया और माहौल को जीवंत बनाया। इस कार्यक्रम में पूर्व छात्रों ने अपने बैचमेट्स और साथियों से मिलकर पुरानी यादें ताजा कीं। साथ ही, उन्होंने वर्तमान छात्रों के साथ अपने अनुभव और ज्ञान साझा किया। कई पूर्व छात्रों ने अपनी सफलता की कहानियों और वर्तमान उद्योग में अपनी उपलब्धियों के बारे में अपने विचार साझा किये एवं वर्तमान छात्रों को प्रेरित और प्रोत्साहित किया।
समारोह में उपस्थित सभी पूर्व छात्रों ने इस आयोजन की प्रशंसा की। उन्होंने इसे एक अनूठा और यादगार अनुभव बताया। कई पूर्व छात्रों ने कहा कि यह पुनर्मिलन उनके लिए न केवल एक सामाजिक अवसर था, बल्कि एक नेटवर्किंग का मंच भी साबित हुआ। कार्यक्रम के अंत में एमसीए विभाग की सह संयोजिका प्रोफ. स्मिता कंसल इस सफल आयोजन के लिए सभी उपस्थित लोगों, आयोजकों और स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर एमसीए कार्यक्रम के सभी छात्र तथा संकाय सदस्य उपस्थित थे।




















