-धूमधाम से मनाई गई युगपुरुष काशीराम की 86वीं जयंती
गाजियाबाद। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और दलितों के मसीहा कहे जाने वाले कांशीराम की 87वीं जयंती सोमवार को शहीद प्यारेलाल पुरी कॉलोनी लोनी रोड लाजपत नगर महर्षि वाल्मीकि मंदिर के प्रांगण में राष्ट्रीय वाल्मीकि सेना सर्वहारा वर्ग विकास समिति संयुक्त द्वारा धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेंद्र कुमार सिंह ने की। मुख्य रूप सेे सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्र सिंह चंदेल, कार्यक्रम का संचालक अजय सूद ने किया। सुरेंद्र सिंह चंदेल ने कहा कांशीराम जी दलित कामगारों को एक सूत्र में बांधा और निॢववाद रूप से उनके सबसे बड़े नेता रहे। पुणे में डिफेंस प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में साइंटिफिक असिस्टेंट के तौर पर काम कर चुके कांशीराम ने नौकरी छोड़कर दलित राजनीति का बीड़ा उठाया। दलितों को एकजुट कर उन्हेंं राजनीतिक ताकत बनाने का अभियान 1970 के दशक में शुरू किया। कई वर्षों के कठिन परिश्रम और प्रभावशाली संगठन क्षमता के बूते उन्होंने बसपा को सत्ता के गलियारों तक पहुंचा दिया। आज पूरे देश में मान्यवर कांशीराम साहब की 86वीं जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई जा रही है।
अगर आज काशीराम जी नहीं होते तो एक दलित महिला को इतने बड़े प्रदेश की मुख्यमंत्री बन्ना आसान नहीं था। कांशीराम जी ने पूरे प्रदेश में साइकिल से यात्रा की और एक प्रण लिया कि जब तक मैं अपने दलित गरीब मजदूर सर्वहारा,समाज को बहुजन समाज को मुख्यधारा में नहीं ले आऊंगा मैं चैन से बैठने वाला नहीं हूं ना ही मैं अपने घर जाऊंगा ना मैं शादी करूंगा। हमें काशीराम जी की जो नेक कमाई, जिन्होंने सोती कॉम जगाई, हमें उनकी जो दौलत है ,उसको बड़े संभाल के रखना है। इस दौरान मोहन लाल सूद उपाध्यक्ष, सुखपाल, बेनीवाल, दिनेश चौहान, लालू भाई, अजय सूद, संजय बेनीवाल, रामपाल वाल्मीकि, तुलाराम, देशराज वर्मा, नरेश जाटव, संजय चंदेल, वाल्मीकि अनिल, चिडिय़ा ना, राहुल टाक, भारती, उषाक्ष बागड़ी, मंडल उपाध्यक्ष अनीता बेनीवाल, अशोक वाल्मीकि, सुरेंद्र कुमार सिंह मुख्य सलाहकार,भारी संख्या में महिला और बच्चों ने भाग लिया।
















