करंट लगने से जान गई, परिवार ने विभाग को कोसा
गाजियाबाद। विजय नगर थाना क्षेत्र में विद्युत फॉल्ट दूर करने के चक्कर में लाइनमैन की जान चली गई। खंभे पर चढ़कर काम करने के दौरान करंट लगने से वह घायल हो गया। आनन-फानन में लाइनमैन को अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दरम्यान उसकी मौत हो गई। उधर, पीड़ित परिवार ने विद्युत विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लाइनमैन की मौत के लिए विभागीय लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
जानकारी के अनुसार मनोज कुमार (21) निवासी कंकरखेड़ा मेरठ विद्युत विभाग में पिछले 3 साल से संविदा पर लाइनमैन पद पर कार्यरत था। बुधवार की देर रात आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-10 में विद्युत फॉल्ट होने पर मनोज को वहां बुलाया गया था। वह मौके पर पहुंच कर विद्युत खंबे पर चढ़कर फॉल्ट को ठीक करने की कोशिश करने लगा। ऐसे में अचानक करंट लगने से वह घायल हो गया। शोर-शराबा मचने पर वहां आस-पास के नागरिक जुट गए। पीड़ित को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां देर रात करीब 2 बजे मनोज ने दम तोड़ दिया।
उधर, पीड़ित परिजनों ने इस मामले में विद्युत विभाग को कटघरे में खड़ा किया है। मृतक मनोज के भाई हरेंद्र पाल का कहना है कि विभाग की तरफ से मनोज को सेफ्टी किट उपलब्ध नहीं कराई गई थी। यदि सेफ्टी किट होती तो मनोज की जान बच सकती थी। आरोप है कि हसदसे की जानकारी मिलने के बावजूद गुरुवार की सुबह तक विद्युत विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं, प्रताप विहार के उपखंड अधिकारी नितिन आनंद का कहना है कि विभाग द्वारा नियमानुसार पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। मनोज की मौत के लिए विभाग की लापरवाही के आरोपों से एसडीओ ने साफ इंकार कर दिया।















