शराब माफिया का सफाया, ताबड़तोड़ एक्शन जारी

– मुखबिर तंत्र के सहारे तोड़ी जा रही अवैध शराब के कारोबार की कमर
– चेकिंग अभियान के जरिये तस्करी पर भी रखी जा रही नजर, दहशत में माफिया

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब से लोगों की मौत की घटनाओं को लेकर आबकारी विभाग बेहद गंभीर है। अवैध रूप से शराब का कारोबार करने वाले शराब माफिया पर शिकंजा कसते हुए आबकारी विभाग लगातार छापेमारी की कार्रवाई कर रहा है। विभाग की लगातार चल रही कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। अवैध शराब बनाने, उसकी बिक्री व तस्करी रोकने के लिए आबकारी विभाग पिछले कई महीने से अभियान चला रखा है, लेकिन उसके बाद भी चोरी-छिपे शराब माफिया तस्करी करने से बाज नही आ रहे है। हालांकि आबकारी विभाग शराब माफिया के कई सिंडिकेट को ध्वस्त कर चुका है। अगर बात की जाए जिले में शराब तस्करी की तो पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अवैध शराब के कारोबार को रोक पाने काफी हद तक आबकारी विभाग ने सफलता हासिल की है। जिला आबकारी अधिकारी ने इसको रोकने के लिए अफसरों को अपना मुखबिर तंत्र मजबूत करने की हिदायत दी है। उत्तर प्रदेश शासन एवं आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद के निर्देशन में संयुक्त आबकारी आयुक्त के मार्गदर्शन में जनपद में अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री की रोकथाम के लिए विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देशन में सोमवार रात को सेक्टर-1 आबकारी निरीक्षक अखिलेश वर्मा, सेक्टर-2 आबकारी निरीक्षक त्रिभुवन सिंह ह्यांकी, आबकारी निरीक्षक सीलम मिश्रा सेक्टर-3, सेक्टर-4 आबकारी निरीक्षक आशीष पांडेय, सेक्टर-5 आबकारी निरीक्षक त्रिवेणी मौर्य, सेक्टर-6 आबकारी निरीक्षक अरूण कुमार की टीम द्वारा लोनी, डासना, दुहाई खोड़ा,साहिबाबाद के अलावा दिल्ली बॉर्डर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले वाहनों की लगातार चेकिंग की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अपर मुख्य सचिव आबकारी के निर्देश पर 6 सितंबर तक अवैध रूप से शराब बेचने और शराब के अड्डों को खत्म करने के लिए जिले में विशेष अभियान टीमों द्वारा चलाया जा रहा है। एक अगस्त से 31 अगस्त तक क्षेत्रवार जिले में छापेमारी करते हुए 31 शराब तस्करों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा गया। जिले में अवैध शराब की बिक्री एवं परिवहन पर पूर्ण रूप से अकुंश लगाने के लिए आबकारी निरीक्षक लगातार क्षेत्रों में दबिश के साथ चेकिंग कर रहे है। शराब माफिया डासना, दुहाई चेक पोस्ट, पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, यूपी बोर्डर, लोनी बोर्डर एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के माध्यम से गैर जनपदीय शराब ले जाने की फिराक में रहते है। जिस पर अकुंश लगाने के लिए टीम लगातार चेकिंग एवं दबिश की कार्रवाई कर रही है। वहीं आबकारी विभाग की टीम ने खोड़ा क्षेत्र में अवैध शराब समेत तस्कर को गिरफ्तार किया है। जिला आबकारी अधिकारी के स्पष्ट निर्देश है कि अवैध शराब की बिक्री बिक्री करते हुए पकड़ में आया तो कार्रवाई तय है। हर हाल में अवैध शराब की बिक्री को शून्य करना है। माफिया अवैध शराब का कारोबार छोड़ दें, या फिर सलाखों के पीछे जाने का तैयार रहे। जिले में अवैध शराब का कारोबार बर्दाश्त नही किया जाएगा।
माफिया के 816 स्थानों पर छापेमारी
आबकारी अधिकारी ने बताया कि जिले में 31 दिनों में लोनी, साहिबाबाद, डासना,खोड़ा समेत अन्य क्षेत्रों में आबकारी निरीक्षकों की टीमों ने 816 स्थानों पर छापेमारी के दौरान शराब तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ ही 51 मुकदमे विभिन्न थानों में आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज कराए गए। 31 शराब तस्कर को जेल भेजा गया। यानि कि रोजाना एक शराब तस्कर को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई। लोनी एवं खादर क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई करते हुए एक माह में 10 हजार किलोग्राम लहन को नष्ट कराया गया। अवैध शराब 1604.65 लीटर बरामद की गई। इस अभियान के तहत शराब की तस्करी में शामिल 3 वाहनों को पकडऩे के बाद सीज किया गया। जिले में शराब तस्करों के खिलाफ विशेष छापेमारी अभियान अभियान लगातार जारी रहेगा। बता दें कि आबकारी विभाग ने शराब माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। जिसके तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है, इस कार्रवाई से अब माफिया भी डरे हुए है। क्योंकि आबकारी विभाग ने छोटे तस्कर से लेकर बड़े माफिया के कारोबार को ध्वस्त करते हुए सलाखों की पीछे भेजने की मुहिम चलाई हुई है। जहां शिकायत या सूचना मिलती है टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंच जाती है। अभी तक जिले में शराब माफिया के मुखबिर तंत्र मजबूत हुआ करता था। मगर जिले में अब आबकारी विभाग के मुखबिर तंत्र मजबूत होते नजर आ रहे है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में शराब माफिया के जितने सिंडिकेट थे। उन सभी को आबकारी विभाग निपटा चुका है। ऐसे में अब आबकारी विभाग शराब माफिया पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए मुस्तैदी के साथ तैयारी में जुट गया है।