-कर्नाटक हाईकोर्ट से मनीष माहेश्वरी को मिली राहत, पुलिस को करने थे सवाल-जवाब
-बुजुर्ग अब्दुल समद की दाढ़ी काटने का मामला
गाजियाबाद। लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेहटा हाजीपुर में बुलंदशहर के अनूपशहर निवासी बुजुर्ग मुस्लिम अब्दुल समद की पिटाई करने और दाढ़ी काटे जाने के मामले में पुलिस गुरूवार को खाली हाथ रह गई। लोनी में बुजुर्ग की दाढ़ी काटने के मामले में वायरल वीडियो को लेकर ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को पूछताछ के लिए लोनी बॉर्डर थाने में पहुंचना था। मगर एमडी ने कर्नाटक हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर कर दी। याचिका दायर होने के बाद लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ताकती रह गई। कर्नाटक हाईकोर्ट ने याचिका दायर होने के बाद मनीष माहेश्वरी को राहत दे दी। हाईकोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस को सख्ती न बरतने के निर्देश दिए हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए पुलिस को कहा है कि आप इस तरह सख्ती नहीं बरत सकते। आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ कीजिए। याचिका दायर होने के बाद वह थाने नहीं पहुंचे। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी थी।मनीष माहेश्वरी ने अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट में कहा कि वह कंपनी के निदेशकों में शामिल नहीं हैं। कंपनी के निदेशक विदेश में बैठे हैं। वह यहां सेल्स एंड मार्केटिंग का काम देखते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी इसकी नहीं है कि ट्विटर पर कैसा कंटेंट डाला जा रहा है। उनका पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस को उनसे सख्ती न बरतने के निर्देश दिए हैं साथ ही वर्चुअल माध्यम से पूछताछ के लिए कहा है।इस बीच पुलिस को एमडी से कोई बयान दर्ज कराना है तो वह वर्चुअल बयान दर्ज करा सकते हैं। पुलिस ने वर्चुअल बयान लेने से मना करते हुए सोमवार तक इंतजार करने की बात कही हंै।वहीं,ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष का सुबह से ही उनके आने का इंतजार लोनी थाने में किया जा रहा था। मीडियाकर्मी भी लोनी बॉर्डर थाने के बाहर इंतजार करते रहे। मीडिया कर्मियों के जमावड़े के चलते लोनी थाने के बाहर ट्रैफिक जाम हो गया। लोनी बॉर्डर थाने पर ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष से सवाल जवाब करने के लिए आईओ थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्र एवं सीओ अतुल सोनकर समेत भारी संख्या में पुलिसफोर्स मौजूद रहीं।
गिरफ्तारी से बचने को कर्नाटक हाईकोर्ट में डाली याचिका
लोनी बॉर्डर थाने में जहां गुरूवार की सुबह से ही ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी का इंतजार चल रहा था। वहीं, दूसरी तरफ गिरफ्तारी से बचने के लिए माहेश्वरी के अधिवक्ता ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। लोनी बॉर्डर थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि ट्विटर के एमडी मनीष माहेश्वरी के अधिवक्ता शशांक जैन से फोन पर बात हुई थी। कर्नाटक हाईकोर्ट में अधिवक्ता ने प्रोडक्शन के लिए याचिका डाली थी। बता दें कि ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को लोनी बॉर्डर थाने में पेश होकर भड़काऊ ट्वीट डिलीट न करने के संबंध में अपना पक्ष रखना था। पुलिस ने 21 जून को ट्विटर इंडिया के एमडी को नोटिस भेजकर 24 जून की सुबह साढ़े 10 बजे तक लोनी बॉर्डर थाने में पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए थे। डीआईजी/एससपी अमित पाठक का कहना है कि निर्धारित समय पर पेश न होने पर एमडी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में जांच जारी है। अधिकांश आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके है। वहीं,सपा नेता उम्मेद पहलवान इदरीशी को भड़काऊ वीडियो वायरल करने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। बता दें कि बीते 5 जून को बुलंदशहर के अनूपशहर निवासी बुजुर्ग तांत्रिक सूफी अब्दुल समद के साथ मारपीट कर उनकी दाढ़ी काटी गई थी। 14 जून को घटना की वीडियो वायरल होने पर कुछ लोगों ने इसे सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने 15 जून को ट्विटर समेत 9 लोगों के खिलाफ धार्मिक उन्माद फैलाने का केस दर्ज किया था। इसमें आरोप था कि पुलिस द्वारा खंडन करने के बाद भी ट्विटर ने भड़काऊ ट्वीट डिलीट नहीं किया।सीओ साइबर सेल अभय कुमार मिश्र का कहना है कि साइबर सेल की ओर से 16 जून को अमेरिका स्थित ट्विटर मुख्यालय को नोटिस भेजकर भड़काऊ ट्वीट करने वाले आरोपियों की डिटेल समेत 12 बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी। 17 जून को लोनी बॉर्डर पुलिस ने ट्विटर इंडिया के एमडी को नोटिस भेजकर एक सप्ताह के भीतर थाने आकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। ट्विटर इंडिया के एमडी की तरफ से बीते 18 जून को पुलिस के पास स्पष्टीकरण भेजा गया, जिसमें उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रक्रिया पूरी करने का प्रस्ताव रखा। पुलिस ने उसे खारिज करते हुए दूसरा नोटिस भेजकर 24 जून को पेश होने के निर्देश दिए थे।
















