-सफाई कार्यो का लिया जायजा, नागरिकों से की वार्ता
गाजियाबाद। मेयर आशा शर्मा ने ब्रिज विहार नाले का निरीक्षण किया, जिसमें सफाई का कार्य चल रहा था और मेयर ने नाले की सफाई का जायजा लिया जिसमें स्थानीय पार्षद पूनम त्यागी, मंडल अध्यक्ष सुधीर त्यागी, पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपेश शर्मा, पार्षद पति अजय त्यागी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे जिसमे सभी लोगों ने बताया कि इस बार नाले की सफाई का कार्य बहुत ही अच्छी तरह चल रहा है। हर बार नाले में से सिल्ट नही निकलती थी लेकिन इस बार अत्यधिक सिल्ट निकली है और पूरे नाले में पानी बिना रुके निकल रहा है। यहां तक कि इस बार मशीन को नाले में उतार कर काफी सफाई की गई है। पूर्व में 15वां वित्त आयोग द्वारा मेयर की अध्यक्षता में 10 करोड़ रुपए का बजट, जे पॉइंट से ब्रज विहार तक इस नाले की बाउंड्री का कार्य साथ ही बायोरेमिडिसन का कार्य होगा। क्योकि नाले से मिथेन गैस निकलती है जिसके लिए बायोरेमिडिसन तकनीकी का प्रयोग करना पड़ेगा
। बायोरेमिडिसन तकनीक पानी की सफाई करता है साथ ही इसमें पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन दी जाती है और फिटकरी का प्रयोग किया जाता है जिससे पानी में छोटे छोटे बुलबुले होते है और मिथेन गैस खत्म होती है और नाले में मिथेन गैस बनने के कारण ही नाले में जीव जन्तु नही है, जो होते भी है वह मर जाते हैं। नाला जे पॉइंट से व्रज विहार होकर निकलता है और वैशाली होते हुए यूपी गेट जाता है जिसमे सबसे ज्यादा लोगों का नाले का पास रहना सहना ब्रज विहार में ही है और महापौर की शपथ के बाद लगातार स्थानीय निवासी मेयर को नाले की समस्या से अवगत करा रहे थे। एक बार तो कुछ महिलाओं ने मेयर से मुलाकात की ओर अपने जेवर दिखाए जोकि नाले से निकलने वाली मिथेन गैस के कारण काले हो गए और ऐसे ही उनके घरों के एसी भी 6 माह में खराब हो जाते हैं तभी मेयर ने स्थानीय लोगो को आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द नाले का कार्य कराया जाएगा और 15 वें वित्त की कि़स्त आते ही 10 करोड़ की रकम इस नाले के लिए निर्धारित की।
20 वर्षो में पहली बार किया जा रहा इस नाले पर कार्य
ब्रज विहार नाले की समस्या को लेकर लगातार स्थानीय लोग लगभग 20 वर्षो से प्रयास कर रहे हैं, जिसका फल अब जाकर मिला है और जब मेयर को यह पता चला तो उन्होंने जल्द से जल्द नाले पर कार्य करने के लिए कहा एवं 15वें वित्त की प्रथम किस्त आते ही 10 करोड़ रुपए पास किए और 20 वर्षो में जो कार्य नहीं हुआ उसको करने का प्रण लिया जिस पर आज निरंतर कार्य किया जा रहा है।
















