गाजियाबाद। मेरा शहर, मेरी जिम्मेदारी। इसी थीम को साकार करने के लिए गाजियाबाद नगर निगम बेकार वस्तुओं का उपयोग कर उपयोगी चीजें बनाकर शहर के सौंदर्यीकरण में चार-चांद लगाने का प्रयास कर रहा है। शहर में जगह-जगह डलावघर को चिन्हित कर वहां सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। डाबर तिराहा के पास लंबे समय तक डलावघर था। इसके चलते वहां दिन-रात व्यापक गंदगी रहने के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
नगर निगम ने इस डलावघर को समाप्त करने के साथ जगह का सौंदर्यीकरण कर दिया है। वर्तमान में यह स्थल बेहद खूबसूरत होने के साथ-साथ आकर्षण का केंद्र भी बन गया है। कुछ दिन पहले नगर निगम ने घंटाघर पर कन्या वैदिक कॉलेज के पास डलावघर को समाप्त कराया है। वहां कंपनी बाग के समीप कूड़ा-करकट डाले जाने से छात्राओं के अलावा आस-पास के दुकानदारों को परेशानी हो रही थी। इस जगह को अब वेंडिंग जोन का रूप दिया जा रहा है। इसके पहले नगर निगम ने पुराने टायरों का इस्तेमाल कर खूबसूरती बढ़ाने का प्रयास किया था। इसी क्रम में गोबर का उपयोग कर दीपक, मूर्तियां, बर्तन व अन्य सौंदर्यीकरण की वस्तुएं बनाने का भी कार्य गाजियाबाद नगर निगम द्वारा किया जाएगा। घरों एवं डेयरियों से नगर निगम गोबर को एकत्र करेगा।













