-प्रदेेश सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर नगर निगम ने पथ विक्रेताओं को बांटे ऋण लोन प्रमाण पत्र
गाजियाबाद। सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी पर सामान बेचने वाले पथ विक्रेता व्यापार को ‘पटरीÓ पर लाने के लिए प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) का सहारा ले रहे हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वनिधि योजना के तहत गाजियाबाद नगर निगम पथ विक्रेताओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए अहम भूमिका निभा रहा है।
म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर नगर निगम के सभी जोन में कैंप लगाकर पथ विक्रताओं को जागरूक कर आवेदन कर रहा है। नगर निगम मुख्यालय परिसर में रविवार को प्रदेश सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर शासन की ओर से चलाई जा रही पीएम स्ट्रीट वैन्डर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वानिधि) योजना के तहत ऋण/लोन प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस बीच बडी संख्या में रेहडी पटरी वालों को लोन पत्र मेयर आशा शर्मा एवं म्युनिसिपल कमिश्नर महेंन्द्र सिंह तंवर द्वारा वितरित किए गए। इस दौरान म्युनिसिपल कमिश्नर ने स्ट्रीट बैंडर्स को डिलीटल लेन-देन के पेमेंट से जुडने तथा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए जागरूक किया।
इसके अतिरिक्त डूडा के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे अपने-अपने स्वरोजगार की भी प्रदर्शनी लगाई गई। मेयर ने स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाई गई वस्तुओं को प्रोत्साहन किए जाने के उद्देश्य से महिलाओं द्वारा प्रदर्शनी में रखी गई वस्तुओं की मौके पर खरीदारी भी की गई।
म्युनिसिपल कमिश्नर ने बताया कि इस निधि के तहत बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और माइक्रो वित्त संस्थाओं से ऋण दिलाया जाएगा। एक साल में पथ विक्रेताओं को ऋण लौटना होगा। इसके लिए मासिक किस्तें तय की जाएंगी। ऋण पर जो ब्याज निर्धारित होगा, उसमें सात प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। यानी पथ विक्रेता पर ब्याज के कारण आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और उनका व्यापार भी आगे बढेगा। बता दें कि कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के दौरान के लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। व्यापार को पटरी पर लाने के लिए अब ठेला लगाने वाले लोग पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि से लोन लेकर अपना कोरोबार आगे बढ़ा रहे हैं। इस कार्य में नगर निगम अग्रिम भूमिका निभा रहा है। इस मौके पर डूडा के परियोजना अधिकारी पवन शर्मा आदि मौजूद रहे।















