राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.22 लाख वादों का हुआ निस्तारण
गाजियाबाद। निर्बल एवं गरीब, असहाय एवं लंबित मामलों का सस्ता एंव सुलभ न्याय दिलाने के लिए कचहरी में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिन्हा ने एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह, प्राधिकरण सचिव नेहा रूंगटा, न्यायायिक अधिकारी अनिता राज, जज, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनीश त्यागी आदि अधिवक्ताओं, न्यायायिक कर्मचारियों की मौजूदगी में फीता काटकर एवं दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।
जिला जज जितेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में लगभग 1.50 वादों का निस्तारण करने के लिए लक्ष्य रखा गया था। सुबह से शाम 5 बजे तक राष्ट्रीय लोक अदालत में 1 लाख 22 हजार वादों का निस्तारण किया गया। इनमें फौजदारी, वाहनों, बैंकों आदि के वादों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।
सिन्हा ने कहा कि इस अदालत का उद्देश्य लोगों को सस्ता, सुलभ व त्वरित न्याय दिलवाना है। राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्याय विभाग के अलावा प्रशासन समेत अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी पूर्ण निष्ठा व मनोयोग से कार्य किया। अदालत में 1.22 लाख वादों का निस्तारण किया गया। महिला जज और राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी रीता ने बताया कि 1.22 लाख वादों के निस्तारण में 95 हजार रेवन्यू और 35 हजार विधिक मामलों का निस्तारण किया गया।
अपर जिला जज रेखा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आने वाले वादों मेें अधिक से अधिक का निस्तारण किया गया। एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग की ओर से हरसंभव प्रयास किए गए। गोष्ठी कर उन्हें ब्रीफ भी किया था। राष्ट्रीय लोक अदालत ऐसे लोगों के लिये बहुत ही लाभदायक है जो कानूनी लड़ाई को लंबे समय तक लडऩे में अक्षम हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा रुंगटा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किए गए 1.22 लाख वादों का निस्तारण होने से पीडि़तों को राहत देने का काम किया।














