-जिलाधिकारी से दवा कारोबारियों को राहत देने की मांग
गाजियाबाद। जिला प्रशासन ने सभी मेडिकल दुकानों पर सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्यता लागू कर दी है। इसके लिए दवा के खुदरा एवं थोक विक्रेताओं को एक माह की मोहलत दी गई है। करीब ढाई सौ थोक विक्रेता इस फरमान के विरोध में उतर आए हैं। गाजियाबाद कैमिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में थोक विक्रेताओं ने नए नियमों पर सवाल खड़े किए हैं। कैमिस्ट एसोसिएशन ने डीएम से इस प्रकरण में पुन: विचार करने की अपील की है। जनपद गाजियाबाद में सभी मेडिकल स्टोर पर सीसीटवी कैमरे लगाना अब अनिवार्य हो गया है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने इस संदर्भ में गत 7 सितम्बर को आदेश जारी किया था। सभी दवा विक्रेताओं को अपनी-अपनी दुकानों पर एक माह के अंदर कैमरे लगवाने के आदेश दिए गए हैं। डीएम के आदेश की बावत औषधि निरीक्षक ने खुदरा एवं थोक विक्रेताओं को पत्र भेजकर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गाजियाबाद कैमिस्ट एसोसिएशन ने इस आदेश पर आपत्ति जताई है। कैमिस्ट एसोसिएशन से करीब ढाई सौ थोक विक्रेता जुड़े हैं। गाजियाबाद शहर की नई बस्ती में दवाओं की थोक बिक्री का बड़ा बाजार है। जहां से जिलेभर के मेडिकल स्टोरों को दवाओं की आपूर्ति होती है। इस संबंध में मंगलवार को नई बस्ती के राधे श्याम पैलेस पर कार्यकारिणी की बैठक हुई।
कैमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजदेव त्यागी का कहना है कि डीएम द्वारा नए नियम का शत-प्रतिशत अनुपालन करना संभव प्रतीत नहीं होता है। ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट में डीएम सहित राज्य बाल संरक्षण आयोग लखनऊ को भी एक्ट में अन्य कोई प्रावधान करने का अधिकार नहीं मिला है। जनपद के सुदूर क्षेत्रों में जहां पर मेडिकल स्टोर की प्रतिदिन बिक्री काफी कम है, ऐसे में उन पर एक और अन्य भार डालना उचित नहीं है। शहरी क्षेत्र में अधिकांश मेडिकल स्टोर पर सुविधा अनुसार सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी दवा व्यापारी एक्ट के मुताबिक शेड्यूल एच एवं शेड्यूल एच-1 की दवाएं डॉक्टर के पर्चे पर बिक्री करते हैं। समय-समय पर औषधि निरीक्षक द्वारा दवाओं की दुकानों का निरीक्षण भी किया जाता है। अलबत्ता दवा व्यापारियों पर एक अन्य और नियम ना थोपा जाए। दवा व्यापारियों ने डीएम से इस प्रकरण में पुर्नविचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा जिलाधिकारी के इस नए नियम का 100 फीसद पालन करना संभव नहीं हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों में रोजाना की बिक्री बहुत कम होती है। इससे कारोबारियों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। दवा कारोबारियों ने जिलाधिकारी से दवा कारोबारियों को राहत देने की मांग की है। बैठक में महामंत्री आर पचोरी, अश्वनी कुमार, अमित बंसल, संजीव देवकमल,अनिल गुप्ता, रविंद्र शर्मा, राहुल शर्मा,आयुष सिंघल, साजिद खान, अजय बंसल, मनीष गर्ग, तुषार अरोड़ा, अमित गर्ग, प्रदीप पाल, शैलेश सैनी आदि दवा कारोबारी मौजूद रहे।
















