देश की एकता व अखंडता के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग जरूरी: पंडित सुनील भराला

-उप श्रमायुक्त कार्यालय में हिंदी दिवस पर गोष्ठी का आयोजन

गाजियाबाद। आम आदमी की भाषा के तौर पर हिंदी देश को एकता के सूत्र से बांधे हुए है। देश की एकता व अखंडता के लिए इसका उत्थान बेहद जरूरी है। अगर हमने समय रहते हिन्दी के उत्थान के लिए उसे रोजगारपरक शिक्षा, न्याय से नही जोड़ा तो इस भाषा का हश्र संस्कृत की भाषा की तरह नही हो जाए। यह बातें मंगलवार को हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में लोहियानगर कार्यालय उप श्रमायुक्त में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए श्रम कल्याण परिषद उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंडित सुनील भराला ने कहीं। उन्होंने कहा कि भाषा नदी की तरह होती हैै जो निरन्तर प्रवाहित रहती है। यदि हम भाषा को पुल या बांध बनाकर रोकने का काम करती है तब ऐसी स्थिति में भाषा पंगु हो जाती है। उन्होनें कहा कि हिन्दी भाषा के दम पर ही जनता से संवाद कर एक साधारण व्यक्ति भी प्रधानमंत्री हो सकता है। पिछली सरकारों ने केवल हिन्दी दिवस को औपचारिक रूप से मनाया। जबकि वर्तमान सरकार प्रत्येक दिवस को हिन्दी दिवस मनाती है और उनका यह प्रयास है कि जनता की भाषा से जनता को जहॉ न्याय मिले वहीं वर्तमान पीढी हिन्दी भाषा को अपनाकर इन्जीनियरिंग, मेडिकल की पढाई कर जहां अच्छे डाक्टर, इंजीनियर बने। वहीं प्रशासनिक सेवा में भी आये।

कार्यक्रम में अध्यक्ष द्वारा श्रम कल्याण परिषद द्वारा संचालित योजनाओ गणेश शंकर विद्यार्थी पुरूस्कार योजना, ज्योतिबा फूले कन्यादान योजना, दत्तोपंत ठेंगडी मृतक अंत्येष्टि सहायता योजना, राजा हरिश्चन्द्र मृतक आश्रित सहायता योजना, डॉ. एपेजी अब्दुल कलाम प्राविधिक शिक्षा सहायता योजना, चेतन चैहान क्रीडा प्रोत्साहन योजना, स्वामी विवेकानन्द धार्मिक एवं पर्यटन यात्रा योजना एवं महादेवी वर्मा पुस्तक क्रय धन योजना सम्बन्ध में विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए अधिकारियों को अधिक से अधिक श्रमिकों को संचालित योजनाओं से लाभान्वित कराये जाने के लिए निर्देश दिए। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक गाजियाबाद क्षेत्र में गणेश शंकर विद्यार्थी पुरूस्कार योजना में 02, ज्योतिबा फूले कन्यादान योजना में 14, दत्तोपंत ठेंगडी मृतक अंत्येश्टि सहायता योजना में 1, राजा हरिश्चन्द्र मृतक आश्रित सहायता योजना में 4, डॉ ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक षिक्षा सहायता योजना में 17, चेतन चैहान क्रीडा प्रोत्साहन योजना में 16, स्वामी विवेकानन्द धार्मिक एवं पर्यटन यात्रा योजना में 11 एवं महादेवी वर्मा पुस्तक क्रय धन योजना में 1 श्रमिकों के आवेदन आए है। जिसमें कुल 66 प्राप्त आवेदन पत्रों को अग्रसारित किये जा चुके है।

इस मौके पर उप श्रमायुक्त रवि श्रीवास्तव, शिवनारायण सहायक श्रमायुक्त, सुभाश चन्द्र यादव सहायक श्रमायुक्त, पी.आर. अनिल, वीके मिश्रा एवं डॉ. रूपाली श्रम प्रवर्तन अधिकारी, सुयष पाण्डेय श्रम प्रवर्तन अधिकारी, बुलन्दशहर एवं बीएन ओझा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, खुर्जा, सहायक निदेशक कारखाना, गाजियाबाद अधिकारीगण उपस्थित रहें। जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला खेल अधिकारी, गाजियाबाद, उपायुक्त, जिला उद्योग केन्द्र, गाजियाबाद, विभिन्न औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी एवं विभिन्न श्रमिक प्रतिनिधि उपस्थित रहें।