ध्वनि प्रदूषण स्वास्थ्य एवं वातावरण के लिए हानिकारक: ऋतु सुहास

-दुकानदार एवं डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ शिकंजा की तैयारी
-डीएम ने किया 4 टीमों का गठन, चलेगा जागरूकता अभियान

गाजियाबाद। ध्वनि प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते वातावरण के साथ स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि संयुक्त रूप से टीम बनाकर ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाया जाए। यह बातें बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी के निर्देश पर ध्वनि प्रदूषण को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास ने कहीं। उन्होंने कहा मॉडिफाइड साइलेंसर, डुप्लीकेट मोटर पॉट्र्स, हार्न एवं ध्वनि प्रदूषण को बढावा देने वाले उपकरण बनाने एवं बेचने वाले दुकानदार और डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ध्वनि प्रदूषण पर रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराया जाए। मोटर यान अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) तथा पर्यावरण नियमावली में दिये गये प्रावधानों के अन्तर्गत जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने जनपद में 4 टीमों का गठन किया है, जिसमें नगर क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट गंभीर सिंह को अध्यक्ष बनाते हुए क्षेत्राधिकारी पुलिस द्वितीय अवनीश कुमार एवं राघवेन्द्र सिंह एआरटीओ प्रवर्तन को रखा गया है। इसी प्रकार जनपद की तीनों तहसीलों में सम्बन्धित उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटियों का गठन किया है। जनपद में तेजी से बढ़ रहें ध्वनि प्रदूषण पर रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर रणनीति बनाई है, जिसके अन्तर्गत आगामी कुछ दिनों में संयुक्त रूप से अभियान चलाते हुए ध्वनि प्रदूषण करने वाहनों एवं मॉडिफाइड साइलेंसर सहित सभी ऐसे मोटर पाट्र्स पर अंकुश लगाया लगाया जाएगा। जो ध्वनि प्रदूषण कर वातावरण को दूषित कर रहें है।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु सुहास ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते वातावरण और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव बढा है, बेहद जरूरी है कि संयुक्त रूप से टीम बनाकर ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाया जाये। सभी दुकानदारों एवं डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने कहा इसमें सिर्फ कार्रवाई ही नही किया जाए, बल्कि लोगों को ध्वनि प्रदूषण से होने वाली हानियों के प्रति जागरूक किया जाए। जागरूकता अभियान में आरडब्लूए और सिविल डिफेंस की मदद ली जाए। होर्डिंग्स, फ्लैक्स, पंपलेट के जरिए जन जागरण तक एक स्पष्ट संदेश पहुंचाया जाये कि किसी भी तरह से ध्वनि प्रदूषण बर्दाश्त नही किया जायेगा। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ तीनों तहसील क्षेत्रों में उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में संचालित कराया जायेगा। इसके साथ जिलाधिकारी ने नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, वाणिज्य कर, संयुक्त निदेशक उद्योग केन्द्र व क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र प्रेषित कर अपने-अपने विभागों से एक-एक अधिकारी को नामित करते हुए गठित समिति में शामिल किये जाने के निर्देश दिये है। बैठक के दौरान नगर मजिस्ट्रेट गंभीर सिंह, उप जिला अधिकारी लोनी शुभांगी शुक्ला, अपर नगर आयुक्त नगर निगम, क्षेत्राधिकारी पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।