विकास कार्यों पर अब नजर रखेगा जिला प्रशासन

-डीएम ने पंचायत राज अधिकारी को दिए दिशा-निर्देश

गाजियाबाद। जनपद के 161 ग्राम पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों पर अब जिला प्रशासन की नजर रहेगी। इन कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। वहीं,गांवों में मदवार कराए जाने वाले विकास कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए इन पर फोकस रहेगा। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने जिला पंचायत राज अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि गांवों में कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए फंड आवंटित होने के बाद कार्यों की शुरूआत जल्द कराई जाए। वहीं, गांवों में होने वाले विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराए जाए। इन सभी विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले की 161 ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों पर फोकस रहेगा। ग्राम सचिव इसके लिए ग्राम प्रधान से समन्वय बनाकर संबंधित ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की शुरूआत कराने के निर्देश दिए है। ताकि गांवों में विकास कार्यों की जल्द शुरूआत हो सके। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को मदवार गांवों में कराए जाने वाले विकास कार्यों पर ही पैसा खर्च किया जाए। ताकि गांवों में सड़क, खंडज़ा, नाली,नाले का निर्माण समय पर पूरा हो सके। बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने के बाद जिले की सभी 161 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान चुने जाने के बाद शपथ ग्रहण भी हो चुका है। ऐसे में अब आगामी महीनों में गांवों में विकास कार्य कराए जाने है। गांवों में बेेहतर तरीके से गुणवत्ता पूर्ण विकास कार्य कराए जा सके। इसलिए जिलाधिकारी ने गांवों में विकास कार्यों की जल्द शुरूआत कराने के लिए निर्देश दिए है। इसके लिए ग्राम प्रधान से समन्वय बनाकर कार्य कराए जाएंगे। बगैर पक्षपात के गांवों में विकास कार्य कराने के लिए सभी ग्राम सचिव को दिशा-निर्देश दिए गए है।
पेंशनरों को सचेत किया गया
मुख्य कोषाधिकारी लक्ष्मी मिश्रा ने कहा कि साइबर क्राइम से बचने के लिए जिले के पेंशनर्स फोन पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी एवं मोबाइल पर आने वाले ओटीपी को किसी के साथ शेयर न करें। उन्होंने कहा कि पेंशनर बैंक खाता,एटीएम कार्ड, पैन नंबर एवं आधार कार्ड नंबर की सूचना किसी भी मोबाइल नंबर एवं कोषागार के फोन से प्राप्त नहीं की जा रही है। मुख्य कोषाधिकारी लक्ष्मी मिश्रा ने बताया कि सभी पेंशनरों द्वारा जानकारी दी गई है कि उनके मोबाइल पर फोन आ रहे है। फोन करने वाले अपने आप को कोषागार कार्यालय से बता रहे हैं। बैंक संबंधी जानकारी लेकर मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी बताने की मांग कर रहे है। ऐसे में पेंशनर का पैसा ठगी कर सकते है। कोषागार कार्यालय से पेंशनर को कोई फोन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आहवान किया कि कोषागार से पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनर अपनी कोई सूचना कोषागार से संबंधित किसी से साझा न करें। जरूरत पडऩे पर किसी भी दिन एवं ईमेल टीओजीएचए एनआईसी डॉट इन के माध्यम से जानकारी कर सकते है। उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।