-829 एकड़ में विकसित की जाएगी टाउनशिप
गाजियाबाद। किसानों के लिए यह राहत भरी खबर हो सकती है। पिछले 10 साल से कभी जमीनों का मुआवजा बढ़ाने तो कभी जमीन अधिग्रहण करने को लेकर आंदोलन करने वाले किसानों को अब जमीन वापिस मिल सकती है। नेशनल हाइवे-9 से सटे इंटीग्रेटेड हाईटेक टाउनशिप के तहत वेब सिटी के बाद अब सनसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्डर द्वारा बसाई जाने वाली सनसिटी योजना का जमीन का दायरा घट सकता है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) में बिल्डर द्वारा सनसिटी योजना की संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) जमा कराई गई हैं। इसके तहत अब सनसिटी प्रोजेक्ट 829 एकड़ जमीन में ही विकसित होगी। जबकि पहले यह सनसिटी प्रोजेक्ट 4312 एकड़ में जमीन पर विकसित होनी थी,लेकिन अब संशोधित डीपीआर के बाद करीब 3483 एकड़ जमीन इस योजना से बाहर होने की संभावना है। जमीन का दायरा घटने से सन सिटी से प्रभावित करीब 9 गांवों के किसानों को अब राहत मिल सकती है। इसी तरह उप्पल चड्ढा गु्रप की वेब सिटी की जीडीए में जमा कराई गई संशोधित डीपीआर में 15 गांव की करीब 298 एकड़ जमीन को इस योजना से बाहर करने का निर्णय लिया गया था। हाईटेक सिटी टाउनशिप में जमा हुई दोनों संशोधित डीपीआर पर आज यानि कि 31 जुलाई को टेक्निकल कमेटी की जीडीए में बैठक होगी। इस बैठक के बाद संशोधित डीपीआर को शासन को भेजी जाएगी। सनसिटी प्रोजेक्ट में डासना,काजीपुरा, बयाना,कुडियागढ़ी, इकला, इनायतपुर, नायफल, गुर्जरगढ़ी समेत 9 गांव की जमीन योजना के लिए अधिग्रहण करनी थी। वर्ष-2011 में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी।मगर अभी तक पहले फेज का काम पूरा नहीं हो पाया है। योजना में बिल्डर को 4312 एकड़ जमीन खरीदनी थी,मगर करीब 651 एकड़ जमीन ही किसानों से खरीदी जा सकी। बाकी जमीन को खरीदा जाना था। जीडीए के सहयोग से यह जमीन खरीदी जानी है। जीडीए में अब सनसिटी बिल्डर की ओर से जमा कराई गई संशोधित डीपीआर में योजना का दायरा घटकर केवल 829 एकड़ जमीन का रह गया है। वहीं,वेबसिटी योजना अब 4196 एकड़ जमीन में ही विकसित होगी। वेबसिटी में गांव शाहपुर-बम्हैटा, दुजाना, इकला, इनायनपुर, काजीपुरा, महरौली, कचेड़ा, खेड़ा हाथीपुर, छिड़ौली समेत 15 गांवों की जमीन अधिग्रहण की गई हैं। मगर वेबसिटी के की संशोधित डीपीआर सौंपी जाने के बाद अब 4494.32 एकड़ जमीन के सापेक्ष वेब सिटी की 4196.30 एकड़ की नई डीपीआर जमा कराई गई हैं। बिल्डर ने करीब 15 गांव की आबादी के करीब की 298 एकड़ जमीन को डीपीआर में शामिल नहीं किया है। प्रोजेक्ट में अब तक किसानों से 3035 एकड़ जमीन की खरीद पूरी होने के बाद अधिगृहित की गई है। बाकी जमीन की खरीद होना अभी बाकी है।बता दें कि मार्च में लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में हाईटेक टाउनशिप योजना को फिर से शुरू करने के लिए इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समयसीमा में 5 साल का विस्तार दिया था। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 1500 एकड़ जमीन के क्षेत्रफल की बाध्यता को घटाकर 500 एकड़ कर दिया गया था।गाजियाबाद में उप्पल चड्ढा हाईटेक डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की वेबसिटी योजना और सनसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्डर की सनसिटी योजना की जल्द से जल्द संशोधित डीपीआर जमा करने के आदेश जीडीए को दिए गए थे। जीडीए के सीएटीपी आशीष शिवपुरी ने बताया कि हाईटेक सिटी की इससे पहले दो बार संशोधित डीपीआर शासन में जमा हो चुकी है। वेबसिटी के बाद सनसिटी ने 829 एकड़ की संशोधित डीपीआर जमा कराई है। हाईटेक टाउनशिप की दोनों संशोधित डीपीआर पर आज यानि कि 31 जुलाई को तकनीकी कमेटी की बैठक होगी। इस बैठक में निर्णय लेने के बाद शासन को संशोधित डीपीआर भेजी जाएगी।
















