2 नवम्बर 1992 में अयोध्या की गलियों में रामभक्तों पर चलाई गई थी गोलियां
गाजियाबाद। साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने श्री राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान के अंतर्गत शिप्रा विस्टा सोसायटी इंदिरापुरम में जनसंपर्क एवं बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राम मंदिर हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। मुझे गर्व है कि 1992 में आयोध्या में कार सेवा में शामिल था, जब विवादित ढांचा तोड़ा गया। मुझे आज भी याद है कि 30 अक्टूबर की सुबह अयोध्या में आए लाखों कारसेवकों को गिरफ्तार कर उन्हें शहर से बाहर छोडऩे के लिए सरकारी बसों का इंतजाम किया गया था और उन्हें हनुमान गढ़ी मंदिर के पास खड़ा किया गया था। 
इन बसों में कारसेवकों को भरकर बाहर ले जाने की योजना थी, मगर इस बीच एक वृद्ध संत ने धक्का देकर बस के ड्राइवर को नीचे गिरा दिया और बस की स्टेयरिंग पर बैठ गया। इसके बाद वह हनुमानगढ़ी बैरियर को तोडकऱ बस को लेकर विवादित परिसर की ओर बढ़ चला। बस की टक्कर से हनुमानगढ़ी मंदिर से लेकर विवादित परिसर के बीच बनाई गई बेरिकेटिंग टूट गई और लाखों की संख्या में कारसेवक विवादित परिसर की ओर पहुंच गए और विवादित ढांचे पर भगवा झंडा लहरा दिया। 
उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम हम सबके है। हम सभी को राम मंदिर निर्माण में सहयोग करना चाहिए। भाजपा इंदिरापुरम मंडल के अध्यक्ष अजय शुक्ला ने भी विचार रखे। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष अजय शुक्ला, महामंत्री उमेश तोमर, उपाध्यक्ष दिनेश सिंह, मंत्री संजीव शर्मा, मनोज डागा, हरमीत बक्शी, सुशील पांडे, देवाशीष दत्ता, पूजा तिवारी, सुषमा गंगवार, नवनीत सोनी, अपर्णा मिश्रा आदि मौजूद रहे।
















