अब्दुल समद दाढ़ी मामले में बढ़ेंगी सपा नेता की मुश्किलें, कोर्ट में चार्जशीट दाखिल

सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो जारी करने का मामला

गाजियाबाद। लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के हाजीपुर बेहटा में बुजुर्ग तांत्रिक अब्दुल समद की दाढ़ी काटे जाने के वीडियो से छेड़छाड़ करने के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो के मामले में सपा के पहलवान उम्मेद इदरीशी की पुलिस ने 154 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। 15 जून को सामने आए इस प्रकरण में तीन महीने की जांच के बाद पुलिस का दावा है कि उम्मेद ने यह खुराफात माहौल बिगाडऩे के लिए की थी। इसके जरिए वह सियासी फायदा लेना चाहता था। इसे साबित करने के लिए पुलिस ने 58 गवाह बनाए हैं।

इस प्रकरण में तीन केस दर्ज हुए थे। पहला समद की दाढ़ी काटे जाने का था। यह लेन-देन के विवाद में काटी गई थी। इसका आरोपियों ने वीडियो बनाया था। इसमें 11 लोग जेल गए। वहीं,फेसबुक लाइव करके भड़काऊ बातें कहने और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दाढ़ी काटे जाने के वीडियो को साझा करके माहौल बिगाडऩे की कोशिश का था। इसमें उम्मेद आरोपी है। इसी केस में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। उम्मेद पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून(रासुका)के तहत पहले ही कार्रवाई हो चुकी हैं। वह डासना जेल में बंद है। वहीं,केस,ट्विटर इंडिया के तत्कालीन एमडी सहित 11 लोगों के खिलाफ था। इसकी जांच पूरी नहीं हो सकी है। लोनी बॉर्डर थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। जिसके भरोसे साजिश रची, उसने ही पोल खोली।

उम्मेद ने यह साजिश तांत्रिक अब्दुल समद के भरोसे रची थी। उस समय समद भी उम्मेद की भाषा बोल रहा था। बुलंदशहर में समद ने प्रेस वार्ता की थी। उसमें उम्मेद साथ था। उसे दिखाते हुए ही उम्मेद ने फेसबुक लाइव किया था। इसमें ही भड़काऊ बातें की थीं। दोनों दो दिनों तक साथ रहे। इस पर पुलिस ने समद की कुंडली खंगाल डाली। उसके घर पहरा लगा दिया। इस पर उसने सच्चाई बयां कर दी। पुलिस ने उसे भी गवाह बना लिया।एसपी देहात डॉ.ईरज राजा का कहना है कि वह कोर्ट में सच बोलेगा और उम्मेद को सजा दिलाने में अहम कड़ी साबित होगा। उम्मेद पहलवान के खिलाफ  जालसाजी,अफवाह फैलाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धाराएं लगाई गई हैं।

इस प्रकरण की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि उम्मेद को अब्दुल समद से साहिबाबाद के एक पार्षद ने मिलवाया था। इस कारण पार्षद पर कार्रवाई की भी मांग उठी थी। हालांकि चार्जशीट में पार्षद का नाम शामिल नहीं है।पार्षद का इरादा गलत नहीं था, उम्मेद ने मुलाकात की नीयत में खोट था। मुलाकात के बाद उसने जो साजिश रची,इसकी पार्षद को जानकारी नहीं थी। आरोपी उम्मेद और प्रवेश गुर्जर के फोन बरामद किए थे। दोनों के फोन से डाटा डिलीट हुआ था। पुलिस ने डाटा को रिकवर करने के लिए दोनों के फोन को लैब में भेजा था। लैब से दोनों के फोन आ गए हैं। फोन से निकला हुआ डाटा और फोन सील कर कोर्ट में पेश कर दिया गया।