-पांच साल में भाजपा ने उड़ाई समय और संसाधनों का दुरुपयोग कर लोकतंत्र की धज्जियां
गाजियाबाद। छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की जयंती पर गुरूवार को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में चुनावी बिगुल फूंकते हुए सपाईयों ने साइकिल प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आहवान पर जिला अध्यक्ष राशिद मालिक व महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी के नेतृत्व में महंगाई, भ्रष्टाचार, काले कृषि कानून के खिलाफ साईकल रैली लोहिया नगर लोहिया पार्क से शुरू होकर सब्जी मंडी,मालीवाड़ा चौक, अंबेडकर रॉड ,चौधरी मोड़, घंटाघर होते हुऐ अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद जी प्रतिमा के पास जाकर समाप्त हुई। जिला प्रभारी राजकुमार भाटी ने रैली को झंडी दिखा कर रैली को रवाना किया। रैली के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार, किसान विरोधी महिला विरोधी और मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाया। राजकुमार भाटी ने कार्यकर्ताओं को 2022 में प्रदेश में सपा सरकार बनाने का आहवान किया।
जिला अध्यक्ष राशिद मालिक ने कहा कि भाजपा शासनकाल में कोई भी वर्ग खुश नहीं है। जनता अखिलेश यादव की सरकार की वापसी का इंतजार कर रही है। सपा जिला महासचिव वीरेंद्र यादव ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ रैली में भाग लिया। महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी ने कहा भाजपा में अपराधियों की भरमार है। वो मैनीफेस्टो नहीं मनीफेस्टो बनाते हैं। उनके लिए राजनीति एक व्यापार है। भाजपा की सरकार ने कोरोना के दौरान लोगों की मदद नहीं की और बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं। भाजपा सरकार ने पांच साल के कार्यकाल में समय और संसाधनों का दुरुपयोग करके लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई है। राजनीति की गरिमा को क्षति पहुंचाने के साथ झूठ और पाखंड के सहारे वैचारिक प्रदूषण फैलाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कामों को अपना बताकर भाजपा ने जनता को बरगलाने का प्रयास किया है। इस दौरान पूर्व विधायक सुरेंद्र मुन्नी,पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा,वीरेंद्र यादव,हिमांशु पराशर,मुकीम चौधरी,राजदेवी चौधरी, किरण कालिया,मधु चौधरी, पुष्पा शर्मा, आशा सचदेवा, दिलशाद, आदिल मलिक, आरिफ मलिक, आसिफ, पुष्पेन्द्र चौधरी, केपी यादव, अरुण यादव, मनोज पंडित, रविन्द्र यादव, मुबारक, नवीन गुप्ता, असलम चौधरी, योगेश सिरोही, हरेंद्र, आशु चौधरी, राजन कश्यप, ललित यादव, कृष्ण यादव, जितेंद्र यादव, संतोष यादव, आस मोहम्मद अल्वी, संजीव चौधरी, विशाल वर्मा, अलाउद्दीन अब्बासी, राम औतार जाटव, आदिल लाला, बाबू सिंह आदि सैंकड़ों मौजूद रहे।
















